अमेरिका का बड़ा हमला
रविवार को अमेरिका ने ईरान के कई प्रमुख परमाणु ठिकानों पर बड़ा हवाई हमला किया। इन ठिकानों में फोर्डो, नतांज और इस्फहान शामिल हैं, जो ईरान की परमाणु क्षमता के सबसे अहम केंद्र माने जाते हैं। व्हाइट हाउस से संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ये ठिकाने “पूरी तरह से नष्ट कर दिए गए” हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि ईरान शांति के लिए तैयार नहीं होता, तो अमेरिका आगे और भी ठिकानों को निशाना बना सकता है।
हमले में इस्तेमाल हुए घातक हथियार
सूत्रों के अनुसार, इस हमले में अमेरिका ने B-2 बमवर्षक विमानों का उपयोग किया और 30,000 पाउंड वजनी “बंकर बस्टर” बम का भी इस्तेमाल किया गया। यह पहली बार है जब इतने भारी बम को किसी सैन्य अभियान में वास्तविक रूप से प्रयोग किया गया है। बंकर बस्टर विशेष रूप से भूमिगत संरचनाओं को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है।
ईरान की प्रतिक्रिया: हमला “सतही” बताया गया
ईरानी अधिकारियों ने इस हमले के प्रभाव को कम करके बताया है। एक सांसद ने कहा कि हमले “सतही” थे और फोर्डो जैसी जगहों को कोई गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि, ईरानी नेतृत्व ने इसे गंभीर चेतावनी के रूप में लिया है और कहा कि इस हमले के “स्थायी परिणाम” होंगे। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है। हालांकि, अब तक सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ईरान-इस्राइल संघर्ष और भड़का
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान और इस्राइल के बीच पिछले एक सप्ताह से संघर्ष जारी है। अमेरिका के हमले के कुछ ही समय बाद, इस्राइल की सेना ने दावा किया कि ईरान ने देश पर एक और मिसाइल हमला किया है। इससे साफ है कि हालात लगातार और अधिक विस्फोटक होते जा रहे हैं।

