कांग्रेस ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर 18 नवंबर को इंदिरा भवन में एक समेकित समीक्षा बैठक बुलाई है जिसमें अखिल भारतीय समिति के 12 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के प्रभारी, प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रमुख, कांग्रेस विधायक दल के नेता और महासचिव शामिल होंगे। पार्टी का कहना है कि यह बैठक बिहार चुनाव में मिली हार और चुनाव के निष्पक्षता पर उठाए गए सवालों, साथ ही चुनाव आयोग की भूमिका पर उठ रहे धारणाओं की पृष्ठभूमि में बुलायी गई है। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को बड़ी जीत मिली जबकि महागठबंधन केवल 35 सीटों पर सिमट गया; कांग्रेस ने चुनाव के नतीजों पर गंभीर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग की प्रक्रिया की गहन समीक्षा की मांग की है। राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी नतीजों पर चर्चा की और प्रादेशिक प्रभारी तथा शीर्ष पदाधिकारियों को बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया। चुनाव आयोग ने शनिवार को कहा कि नौ राज्यों व तीन केंद्रशासित प्रदेशों में कुल 5.99 करोड़ लक्षित मतदाताओं में से 95% से अधिक लोगों तक SIR के तहत मतदाता फॉर्म पहुंचा दिए गए हैं। आयोग के दैनिक SIR बुलेटिन के अनुसार छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में कुल 48.67 करोड़ मतदाता फॉर्म वितरित किए गए हैं। इनमें तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में 2026 में चुनाव होने हैं; असम के लिए अलग तारीख की घोषणा की जाएगी। SIR का दूसरा चरण 4 नवंबर से शुरू होकर 4 दिसंबर तक चलेगा। राहुल गांधी ने बिहार परिणामों को चौंकाने वाला बताया और कहा कि चुनाव शुरू से ही निष्पक्ष नहीं था; उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक इन नतीजों की गहन समीक्षा करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे।

