कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने अमेरिका द्वारा पाकिस्तान में तेल भंडार खोजने और उसे विकसित करने के लिए किए गए समझौते पर तीखा तंज कसा है। थरूर ने कहा, “अमेरिका को पाकिस्तान में तेल मिलने को लेकर कुछ भ्रम हो सकता है, मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।” उनका यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
थरूर का यह व्यंग्यात्मक बयान उस समय आया, जब अमेरिका और पाकिस्तान के बीच एक समझौते की घोषणा हुई जिसमें अमेरिका ने पाकिस्तान के संभावित “विशाल तेल भंडार” के दोहन में मदद करने का भरोसा जताया है। पाकिस्तान सरकार इस समझौते को एक बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है, जिसे आर्थिक संकट से जूझ रही इमरान खान सरकार के लिए एक संभावित राहत के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, थरूर के बयान का निहितार्थ यह है कि वह अमेरिका के इस भरोसे को लेकर संशय में हैं। उनका इशारा यह भी हो सकता है कि पाकिस्तान में तेल भंडार की खोज कोई नई बात नहीं है और अब तक के प्रयासों में कोई ठोस सफलता नहीं मिली है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका की विदेश नीति को भी निशाने पर लिया, जो अक्सर रणनीतिक हितों के लिए भ्रमित रास्ते अपनाती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि थरूर का यह बयान सिर्फ अमेरिका या पाकिस्तान पर व्यंग्य नहीं, बल्कि भारत की कूटनीतिक सतर्कता का भी संकेत है। उनका यह कहना कि “शुभकामनाएं देता हूं”, व्यंग्य के लहजे में एक कूटनीतिक संदेश भी हो सकता है कि भारत इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
थरूर अपने तीखे और बुद्धिमत्तापूर्ण बयानों के लिए जाने जाते हैं, और उनका यह वक्तव्य एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।

