भारतीय सेना की त्रिशक्ति कोर ने सिक्किम में पूर्व सैनिकों के लिए एक राहत भरी पहल शुरू की है। सेना ने शनिवार को जानकारी दी कि पूर्व सैनिकों के लिए जरूरी दवाओं की होम डिलीवरी सेवा शुरू कर दी गई है। फिलहाल इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया गया है।
डाक विभाग और सीएससी के साथ साझेदारी
इस योजना को सफल बनाने के लिए सेना ने डाक विभाग और सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के साथ सहयोग किया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दवाएं सुरक्षित तरीके से और समय पर पूर्व सैनिकों तक पहुंच सकें।
दूरदराज के इलाकों में रहने वालों को सबसे ज्यादा फायदा
इस पहल से खासतौर पर उन पूर्व सैनिकों को लाभ मिलेगा जो दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में रहते हैं और जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल तक पहुंचने में काफी दिक्कत होती है।
गंगटोक स्थित ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक ने शुरुआती चरण में ऐसे 58 लाभार्थियों की पहचान की है, जो दक्षिण, उत्तरी और पश्चिमी सिक्किम के निवासी हैं। खराब सड़कों और लंबी दूरी के कारण इन्हें दवाइयां लेने के लिए बार-बार सफर करना पड़ता था।
बुजुर्ग और कमजोर पूर्व सैनिकों को बड़ी राहत
सेना के मुताबिक, इस पायलट प्रोजेक्ट के नतीजों का आकलन करने के बाद इस सुविधा को और क्षेत्रों में भी बढ़ाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य मेडिकल सुविधाओं को बेहतर बनाना और बुजुर्ग व शारीरिक रूप से कमजोर पूर्व सैनिकों को बार-बार यात्रा से राहत देना है।
यह पहल पूरे देश में पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का हिस्सा है।

