गुजरात पुलिस ने 719 करोड़ रुपये के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध से जुड़े एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है। इस गिरोह में शामिल बैंक कर्मचारी समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गांधीनगर स्थित साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने सोमवार को इस कार्रवाई की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह देशभर में साइबर ठगी से हासिल की गई रकम को म्यूल बैंक अकाउंट्स यानी खच्चर खातों में जमा कर उसे नकदी और क्रिप्टो करेंसी में बदलने के बाद दुबई और चीन में बैठे साइबर अपराधियों तक पहुंचाता था।
जांच में सामने आया है कि ठगी की यह राशि भावनगर स्थित इंडसइंड बैंक की 110 शाखाओं में ट्रांसफर की गई थी। आरोपी अपने आर्थिक लाभ के लिए देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर अपराध के शिकार लोगों से ठगी गई रकम को म्यूल खातों के जरिए इकट्ठा करते थे। इसके बाद चेक के माध्यम से निकासी, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, क्रिप्टो लेनदेन और पारंपरिक ‘आंगड़िया’ सिस्टम का इस्तेमाल कर पैसा विदेशों में मौजूद साइबर गिरोहों तक भेजा जाता था।
पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए गहन तकनीकी विश्लेषण किया, जिसमें बैंकिंग ट्रांजैक्शन, डिजिटल फुटप्रिंट और खातों की कड़ियों को जोड़कर पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि इस गिरोह ने निवेश धोखाधड़ी, डिजिटल फ्रॉड, यूपीआई फ्रॉड, जमा और ऋण धोखाधड़ी, पार्ट-टाइम जॉब और टास्क फ्रॉड के साथ-साथ विशिंग कॉल जैसी कई तरह की साइबर ठगी को अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय गिरोह ने 26 राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 1594 साइबर धोखाधड़ियां कीं। इनमें महाराष्ट्र में 300, तमिलनाडु में 203, कर्नाटक में 194, तेलंगाना में 128, गुजरात में 97, केरल में 91, उत्तर प्रदेश में 88, दिल्ली में 74, आंध्र प्रदेश में 64, पश्चिम बंगाल में 60, राजस्थान में 42 और अन्य राज्यों में 253 मामले दर्ज किए गए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि देश के विभिन्न हिस्सों में दर्ज 1447 साइबर धोखाधड़ी मामलों से प्राप्त कुल 719 करोड़ रुपये इंडसइंड बैंक की भावनगर शाखा के 110 म्यूल खातों में भेजे गए थे। यह राशि 130 अलग-अलग भुगतान खातों के जरिए ट्रांसफर की गई थी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 30 से अधिक क्रिप्टो वॉलेट और 14 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। गुजरात पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को लेकर जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

