लंदन/इस्लामाबाद | 29 मार्च, 2026
पाकिस्तान द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की पेशकश के बाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। बीबीसी उर्दू सर्विस के सक़लैन इमाम के विश्लेषण के अनुसार, कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों देशों के प्रतिनिधि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बातचीत की मेज पर आ सकते हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों पक्ष इस पर सहमत होंगे या नहीं और इस वार्ता का स्वरूप क्या होगा। वर्तमान में जारी पश्चिम एशिया संकट के बीच पाकिस्तान की इस पहल को उसकी पुरानी कूटनीतिक सक्रियता की वापसी के तौर पर देखा जा रहा है, जहाँ वह एक बार फिर दो बड़े प्रतिद्वंद्वियों के बीच ‘मैसेंजर’ बनने की कोशिश में है।
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55 साल पुराना इतिहास: 1971 में हेनरी किसिंजर का गुप्त चीन दौरा और पाकिस्तान की कड़ी लंदन | 29 मार्च, 2026
पाकिस्तान के लिए मध्यस्थता का यह अनुभव नया नहीं है; लगभग 55 साल पहले साल 1971 में पाकिस्तान ने ही अमेरिका और चीन के बीच राजनयिक संबंध स्थापित करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। उस समय तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर ने पाकिस्तान के जरिए ही चीन का गुप्त दौरा किया था, जिससे शीत युद्ध के समीकरण बदल गए थे। रोचक तथ्य यह है कि उस दौर में भी पाकिस्तान आंतरिक राजनीतिक संकट और पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) की सैन्य कार्रवाई से जूझ रहा था, फिर भी उसने वैश्विक शक्तियों के बीच ‘पुल’ का काम किया था। आज के संदर्भ में, क्या पाकिस्तान वही ऐतिहासिक सफलता दोहरा पाएगा, यह वैश्विक कूटनीति के लिए एक बड़ा सवाल बना हुआ है।

