अमेरिका ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को और सख्त करते हुए समुद्र में बड़ा सैन्य अभियान चलाया है। प्रशांत महासागर के पूर्वी हिस्से में ड्रग्स की तस्करी में शामिल एक तेज रफ्तार नाव पर अमेरिकी सेना ने घातक हमला किया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति जान बचाकर समुद्र में कूद गया। यह कार्रवाई वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिकी सेना की ओर से किया गया पहला ज्ञात सैन्य हमला माना जा रहा है।
अमेरिकी साउदर्न कमांड के मुताबिक, यह नाव अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी के एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थी। अमेरिकी सेना ने इस ऑपरेशन की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए साझा की है। जारी किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि समुद्र में तेज गति से दौड़ रही नाव कुछ ही पलों में आग के गोले में तब्दील हो जाती है। इस हमले में नाव पर सवार दो तस्करों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति समुद्र में कूदकर बच निकलने में सफल रहा।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज है। माना जा रहा है कि इसके बाद ड्रग्स तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका ने अपनी सैन्य रणनीति को और आक्रामक बना दिया है। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई ड्रग्स तस्करी के खिलाफ चल रहे व्यापक और निरंतर अभियान का हिस्सा है।
अमेरिकी सेना के अनुसार यह हमला ‘ऑपरेशन सदर्न स्पीयर’ के तहत किया गया। इस ऑपरेशन के अंतर्गत सितंबर के बाद से अब तक मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल 36 नावों को निशाना बनाया जा चुका है। इन अभियानों में अब तक कम से कम 117 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से अधिकांश हमले कैरेबियन सागर और आसपास के समुद्री इलाकों में किए गए हैं।
हमले के बाद अमेरिकी सेना ने तटरक्षक बल को निर्देश दिया कि समुद्र में कूदकर जान बचाने वाले व्यक्ति के लिए खोज और बचाव अभियान चलाया जाए। सेना का कहना है कि जिंदा बचे तस्कर को हिरासत में लेकर उससे ड्रग्स तस्करी नेटवर्क, उसके रास्तों और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारी जुटाई जाएगी। अमेरिका को उम्मीद है कि इससे अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के पूरे नेटवर्क पर और कड़ा शिकंजा कसा जा सकेगा।

