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Monday, April 6, 2026

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बारामती उपचुनाव: सुनेत्रा पवार की ‘निर्विरोध’ जीत की कोशिशों को झटका, कांग्रेस ने ठुकराया समर्थन का अनुरोध

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पुणे/मुंबई, 5 अप्रैल 2026

महाराष्ट्र की हाई-प्रोफाइल बारामती विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए राजनीतिक ड्रामा तेज हो गया है। राज्य की उपमुख्यमंत्री और एनसीपी (अजित गुट) की उम्मीदवार सुनेत्रा पवार ने अपनी निर्विरोध जीत सुनिश्चित करने के लिए विपक्षी दलों से समर्थन मांगा था, लेकिन कांग्रेस के कड़े रुख ने इस मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के संकेत दे दिए हैं।

1. सुनेत्रा पवार की ‘आउटरीच’ और विपक्ष का जवाब

दिवंगत पति अजित पवार के सम्मान में निर्विरोध चुने जाने की परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए सुनेत्रा पवार ने विपक्षी नेताओं से संपर्क साधा:

  • कांग्रेस को फोन: सुनेत्रा पवार ने रविवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को फोन कर समर्थन मांगा। हालांकि, कांग्रेस सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि पार्टी अपना उम्मीदवार उतारने के लिए तैयार है।
  • उद्धव ठाकरे से संपर्क: शनिवार को उन्होंने शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे से भी बात की थी। शिवसेना ने अभी तक अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है, लेकिन महा विकास अघाड़ी (MVA) के भीतर कांग्रेस के फैसले का असर दिख सकता है।
  • शरद पवार गुट का रुख: एनसीपी (शरदचंद्र पवार) ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वे अजित पवार के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए इस उपचुनाव में अपना उम्मीदवार नहीं उतारेंगे।

2. कांग्रेस की जवाबी रणनीति: आकाश मोरे पर दांव

कांग्रेस ने बारामती में ‘सहानुभूति’ की राजनीति के बजाय चुनावी मुकाबले को प्राथमिकता दी है:

  • उम्मीदवार का एलान: कांग्रेस ने अधिवक्ता आकाश विश्वनाथ मोरे को बारामती से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
  • नामांकन: सोमवार (6 अप्रैल) नामांकन का अंतिम दिन है। सुनेत्रा पवार के साथ-साथ कांग्रेस उम्मीदवार भी अपना पर्चा दाखिल करेंगे।

3. बारामती का चुनावी इतिहास और अजित पवार की विरासत

यह सीट दशकों तक अजित पवार का अभेद्य किला रही है:

  • रिकॉर्ड जीत: अजित पवार यहाँ से 8 बार विधायक रहे।
  • 2024 का चुनाव: उन्होंने अपने भतीजे युगेंद्र पवार को 1 लाख से अधिक मतों के अंतर से हराकर यह सीट जीती थी।
  • रिक्तता: एक दुखद विमान हादसे में अजित पवार के निधन के बाद यह सीट खाली हुई है।

4. राहुरी सीट पर भी कांग्रेस की नजर

कांग्रेस केवल बारामती तक सीमित नहीं है। पार्टी ने संकेत दिया है कि यदि शरद पवार गुट राहुरी विधानसभा सीट (भाजपा विधायक शिवाजी कारदिले के निधन से रिक्त) पर चुनाव नहीं लड़ता है, तो कांग्रेस वहां भी अपना प्रत्याशी उतारने को तैयार है।

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