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कर्नाटक विधानसभा में सिद्धारमैया का शक्ति प्रदर्शन: अंधविश्वास को नकारा, कुर्सी की लड़ाई पर दिया कड़ा जवाब

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बेंगलूरू, 26 मार्च 2026

कर्नाटक विधानसभा में बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जहाँ मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक भविष्य और व्यक्तिगत मान्यताओं पर खुलकर बात की। विपक्ष के नेता आर. अशोक द्वारा डी.के. शिवकुमार के साथ ‘कुर्सी की लड़ाई’ पर कसे गए तंज का जवाब देते हुए सिद्धारमैया ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि यदि हाईकमान की अनुमति रही, तो वह अभी दो और बजट पेश करेंगे और 2028 में कांग्रेस फिर से सत्ता में वापसी करेगी।

सदन में चर्चा तब और दिलचस्प हो गई जब मुद्दा अंधविश्वास और ‘राहु काल’ पर आ गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने अशुभ समय से बचने के लिए रात के समय बजट पेश किया, जिसके जवाब में सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया कि वह राहु काल या यमगंध काल जैसी चीजों में रत्ती भर भी विश्वास नहीं रखते और केवल लोकतांत्रिक भावना के नाते दूसरों के सुझावों का सम्मान करते हैं।

प्रमुख बिंदु:

  • कुर्सी का दावा: सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया कि वे अगले दो वर्षों तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहने और दो और बजट पेश करने का इरादा रखते हैं।
  • अंधविश्वास पर प्रहार: मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका तर्क विज्ञान और यकीन पर आधारित है, न कि मुहूर्त पर।
  • धार्मिक मान्यताओं पर बयान: मुख्यमंत्री ने साझा किया कि उन्होंने महाशिवरात्रि के दिन मटन खाया और इसमें उन्हें कुछ भी गलत नहीं लगता, क्योंकि उनके लिए सभी दिन समान हैं और वे सर्वव्यापी ईश्वर में विश्वास करते हैं।
  • विपक्ष का पलटवार: भाजपा नेता आर. अशोक ने चुटकी ली कि मुख्यमंत्री ने अपने डिप्टी डी.के. शिवकुमार को मंदिरों (जैसे कामाख्या) के चक्कर काटने पर मजबूर कर दिया है और अब सिद्धारमैया को भी अपनी कुर्सी बचाने के लिए ‘शुभ मुहूर्त’ का ध्यान रखना चाहिए।

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