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जंतर-मंतर पर किसानों और श्रमिकों का हल्लाबोल: ‘वीबी-जी राम जी’ योजना और भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन

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नई दिल्ली, 31 मार्च 2026

देश की राजधानी के जंतर-मंतर पर मंगलवार को एक बार फिर विरोध की गूंज सुनाई दी। ‘किसान मनरेगा देश बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले सैकड़ों किसानों और श्रमिकों ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी वीबी-जी राम जी (VB-G RAM G) योजना और भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ये दोनों ही नीतियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गरीब तबके की कमर तोड़ने वाली हैं।

1. ‘वीबी-जी राम जी’ योजना पर विवाद क्यों?

प्रदर्शन में शामिल राष्ट्रीय सहसंयोजक प्रबल प्रताप शाही ने योजना के तकनीकी और आर्थिक पहलुओं पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह केवल मनरेगा (MGNREGA) का नाम बदलना नहीं, बल्कि उसकी मूल भावना पर प्रहार है:

  • राज्यों पर आर्थिक बोझ: नई योजना के तहत वित्तीय उत्तरदायित्व में बदलाव किया गया है। पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 है, जबकि अन्य राज्यों के लिए केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी 60:40 कर दी गई है। शाही का आरोप है कि हिस्सेदारी बढ़ने से कई राज्य फंड देने में कतराएंगे, जिसका सीधा असर गरीब मजदूरों के रोजगार पर पड़ेगा।
  • ‘खेती अवकाश’ (Agricultural Pause): योजना में खेती के पीक सीजन (बुवाई और कटाई) के दौरान 60 दिनों के लिए काम रोकने का प्रावधान है। सरकार का तर्क है कि इससे किसानों को मजदूर मिलेंगे, लेकिन मजदूर संगठनों का कहना है कि यह उनके ‘काम के अधिकार’ का उल्लंघन है।
  • रोजगार की गारंटी पर सवाल: यद्यपि सरकार इसे 125 दिनों की गारंटी बता रही है, प्रदर्शनकारियों का दावा है कि कानूनी बाध्यता और स्थानीय पंचायतों के अधिकारों को कम कर इसे केंद्र के नियंत्रण में लाया गया है।

2. भारत-अमेरिका ट्रेड डील: डेयरी और अनाज पर चिंता

किसानों की नाराजगी का दूसरा बड़ा कारण अमेरिका के साथ हुआ हालिया व्यापार समझौता है। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए निम्नलिखित चिंताएं जताईं:

  • डेयरी क्षेत्र को खतरा: किसानों को डर है कि अमेरिका से सस्ते डेयरी उत्पादों के आयात की अनुमति मिलने से भारतीय दुग्ध उत्पादकों का बाजार खत्म हो जाएगा।
  • मक्का और सोयाबीन: अमेरिका से रियायती दरों पर मक्का और सोयाबीन के आयात की आशंका से भारतीय किसानों को फसल के सही दाम न मिलने का डर सता रहा है।
  • अधिकारों का समर्पण: प्रदर्शनकारियों ने इस डील को ‘समर्पण’ बताते हुए आरोप लगाया कि इससे अमेरिका भारत को अपने कृषि उत्पादों के लिए ‘डंपिंग ग्राउंड’ बना देगा।

विरोध के मुख्य बिंदु:

मुद्दाकिसानों/श्रमिकों की मांग
VB-G RAM Gमनरेगा के पुराने स्वरूप को बहाल किया जाए और राज्यों की हिस्सेदारी न बढ़ाई जाए।
Trade Dealअमेरिका के साथ समझौते से कृषि और डेयरी से जुड़े विवादित प्रावधानों को तुरंत हटाया जाए।
Panchayat Powerग्रामीण बुनियादी ढांचे के चयन का अधिकार केंद्र के बजाय ग्राम पंचायतों के पास ही रहे।

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