तिरुवरूर, 1 अप्रैल 2026
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सियासी बिगुल फूंकते हुए मुख्यमंत्री और डीएमके (DMK) अध्यक्ष एमके स्टालिन ने बुधवार को अपने चुनाव प्रचार अभियान का शंखनाद किया। अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र तिरुवरूर से रैली की शुरुआत करते हुए स्टालिन ने एआईएडीएमके (AIADMK) प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इस चुनाव को केवल सत्ता का संघर्ष नहीं, बल्कि तमिलनाडु के स्वाभिमान और दिल्ली के ‘हस्तक्षेप’ के बीच की वैचारिक लड़ाई करार दिया।
स्टालिन के संबोधन के मुख्य बिंदु:
- पलानीस्वामी पर प्रहार: स्टालिन ने पलानीस्वामी को बिना दूरदृष्टि वाला नेता बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने भाजपा के सामने घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने कहा, “भाजपा ने पलानीस्वामी को डराकर एआईएडीएमके को अपने ‘गुलाम गठबंधन’ का हिस्सा बना लिया है।”
- द्रविड़ मॉडल बनाम एनडीए: मुख्यमंत्री ने दावा किया कि एनडीए का एकमात्र एजेंडा तमिलनाडु के ‘द्रविड़ मॉडल’ के तहत हुए विकास कार्यों को नष्ट करना और राज्य की प्रगति में बाधा डालना है।
- तमिलनाडु बनाम दिल्ली: स्टालिन ने स्पष्ट किया कि यह चुनाव सीधे तौर पर तमिलनाडु की जनता और दिल्ली स्थित एनडीए शासन के बीच की लड़ाई है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे उन ताकतों को बाहर का रास्ता दिखाएं जो राज्य की संस्कृति और अधिकारों पर प्रहार कर रही हैं।
जमीनी स्तर पर जनसंपर्क औपचारिक रैली और गठबंधन के उम्मीदवारों को पेश करने के बाद, मुख्यमंत्री स्टालिन ने तिरुवरूर की सड़कों पर आम लोगों से मुलाकात की। उन्होंने पैदल चलकर स्थानीय निवासियों और दुकानदारों से सीधा संवाद किया और अपनी सरकार की उपलब्धियों के आधार पर वोट मांगे।
इस बीच, डीएमके के युवा नेता उदयनिधि स्टालिन ने भी नीट (NEET) जैसे मुद्दों पर केंद्र को घेरते हुए करुणानिधि की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। तमिलनाडु की 234 सीटों के लिए हो रहे इस मुकाबले में मुकाबला त्रिकोणीय होता दिख रहा है, जहाँ डीएमके और एआईएडीएमके के साथ-साथ अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके (TVK) भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है।

