कोलकाता, 5 अप्रैल 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी चुनावी रणनीति को धार देते हुए 40 स्टार प्रचारकों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। इस सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर फिल्म जगत के बड़े सितारों और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को शामिल किया गया है, जो राज्य की 292 सीटों पर पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए मैदान में उतरेंगे।
1. दिग्गजों का जमावड़ा: मोदी, शाह और योगी
भाजपा ने बंगाल फतह के लिए अपने सबसे प्रभावशाली चेहरों को आगे किया है:
- शीर्ष नेतृत्व: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा और नितिन गडकरी रैलियों को संबोधित करेंगे।
- राज्यों के मुख्यमंत्री: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा, ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी और त्रिपुरा के सीएम माणिक साहा को स्टार प्रचारक बनाया गया है।
- प्रमुख केंद्रीय मंत्री: शिवराज सिंह चौहान, अश्विनी वैष्णव, धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव भी प्रचार की कमान संभालेंगे।
2. ग्लैमर और स्थानीय प्रभाव का संगम
पार्टी ने बंगाली अस्मिता और फिल्मी लोकप्रियता को भुनाने के लिए कई मशहूर हस्तियों को सूची में जगह दी है:
- फिल्मी सितारे: ‘महागुरु’ मिथुन चक्रवर्ती, हेमा मालिनी, कंगना रनौत और मनोज तिवारी।
- खेल जगत: मशहूर टेनिस खिलाड़ी लियेंडर पेस भी भाजपा के पक्ष में माहौल बनाते दिखेंगे।
- स्थानीय सेनापति: शुभेंदु अधिकारी, दिलीप घोष, डॉ. सुकांत मजूमदार, सामिक भट्टाचार्य और शांतनु ठाकुर जैसे बंगाल भाजपा के स्तंभ इस सूची का अहम हिस्सा हैं।
3. चुनावी समीकरण और उम्मीदवारों की स्थिति
भाजपा ने अब तक 292 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। पांच अलग-अलग सूचियों के माध्यम से पार्टी ने सामाजिक समीकरणों और क्षेत्रीय संतुलन को साधने की कोशिश की है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: महत्वपूर्ण तारीखें
- पहला चरण (मतदान): 23 अप्रैल 2026
- दूसरा चरण (मतदान): 29 अप्रैल 2026
- नतीजे (Counting): 4 मई 2026
मुख्य मुकाबला: राज्य में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला देखा जा रहा है, जबकि कांग्रेस ने भी 284 सीटों पर उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की है। चुनाव प्रचार अब अपने चरम पर पहुंच गया है और स्टार प्रचारकों की यह सूची भाजपा के ‘मिशन बंगाल’ की गंभीरता को दर्शाती है।

