नई दिल्ली, 25 मार्च 2026
भारत ने कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी की सजा पर पाकिस्तान द्वारा की गई टिप्पणी को सिरे से खारिज करते हुए उसे ‘मुंहतोड़’ जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों या स्वतंत्र न्यायिक प्रक्रियाओं पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं है। प्रवक्ता ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह आश्चर्यजनक नहीं है कि आतंकवाद को पालने-पोसने वाला देश इस तरह के भ्रामक दावे कर हिंसा को बढ़ावा दे रहा है। भारत ने पाकिस्तान को नसीहत दी कि वह दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपने देश में हो रहे गंभीर और व्यवस्थित मानवाधिकार उल्लंघनों पर आत्मचिंतन करे।
यह कूटनीतिक तल्खी तब पैदा हुई जब दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को ‘दुख्तरान-ए-मिल्लत’ की प्रमुख आसिया अंद्राबी को उम्रकैद और उसकी दो सहयोगियों को 30 साल की सजा सुनाई। अदालत ने अपने 286 पन्नों के फैसले में स्पष्ट किया कि अंद्राबी ने सोशल मीडिया और भड़काऊ भाषणों के जरिए कश्मीर को भारत से अलग करने और पाकिस्तान में मिलाने की गहरी साजिश रची थी। एनआईए द्वारा पेश किए गए वीडियो साक्ष्यों से यह साबित हुआ कि आरोपी लगातार भारत की संप्रभुता के खिलाफ काम कर रहे थे। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़े मुद्दे पूरी तरह संप्रभु हैं और इनमें किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

