हैदराबाद, 30 मार्च 2026
खाड़ी युद्ध के कारण उत्पन्न एलपीजी संकट का फायदा उठाकर अवैध मुनाफा कमाने वाले एक बड़े रैकेट का हैदराबाद पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सोमवार को कमिश्नर टास्क फोर्स और बंजारा हिल्स पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई में बंजारा हिल्स स्थित एक कब्रिस्तान में छिपाकर रखे गए 414 एलपीजी सिलिंडरों को जब्त किया। पुलिस ने इस मामले में ‘मेट्रो गैस एजेंसी’ के मालिक मोहम्मद आमिर सहित कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने बताया कि आरोपी इन सिलिंडरों को जरूरतमंद ग्राहकों को ऊंचे दामों पर बेचकर जनता का शोषण कर रहे थे।
पुलिस की इस छापेमारी में 21.88 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है, जिसमें भारी मात्रा में कमर्शियल और घरेलू गैस सिलिंडर शामिल हैं। जब्त किए गए स्टॉक में 47 किलो के 30 भरे हुए सिलिंडर, 19 किलो के 340 सिलिंडर (भरे और खाली) और 5 किलो के 44 सिलिंडर बरामद हुए हैं। इसके साथ ही पुलिस ने कालाबाजारी में इस्तेमाल होने वाले 11 परिवहन वाहनों को भी अपने कब्जे में लिया है, जिनमें डीसीएम, बोलेरो और टाटा ऐस जैसे वाहन शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गैस एजेंसी संचालक के अलावा डिलीवरी बॉय, ड्राइवर और मजदूर शामिल हैं, जो नियमों का उल्लंघन कर कब्रिस्तान को डंपिंग यार्ड की तरह इस्तेमाल कर रहे थे।
डीसीपी गायकवाड़ वैभव रघुनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मुख्य आरोपी शमशाबाद के मामीदिपल्ले गांव में स्थित ‘मेट्रो गैस एजेंसी’ का लाइसेंस धारक है, जिसका कार्यालय अफजलगंज में है। जांच में पाया गया कि ये लोग बंजारा हिल्स के नागार्जुन एक्स रोड के पास स्थित कब्रिस्तान में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग और भंडारण का काम कर रहे थे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आपदा के समय अवैध जमाखोरी करने वालों के खिलाफ ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद यूसुफ, मोहम्मद इस्माइल, ए. रामा राव और अन्य के रूप में हुई है।

