श्रीनगर/बारामूला, 4 अप्रैल 2026
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने शनिवार को कश्मीर के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों और नियंत्रण रेखा (LoC) का विस्तृत दौरा किया। चिनार कोर के तहत आने वाले अग्रिम क्षेत्रों में सुरक्षा स्थिति का जायजा लेते हुए उन्होंने सेना की परिचालन तत्परता (Operational Readiness) की समीक्षा की और आधुनिक युद्ध कौशल के बदलते स्वरूप पर कड़ा संदेश दिया।
1. मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस की आवश्यकता
बारामूला में सैन्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए सीडीएस ने स्पष्ट किया कि भविष्य के युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहेंगे। उन्होंने सेना को ‘मल्टी-डोमेन’ रणनीति अपनाने का आह्वान किया, जिसमें निम्नलिखित क्षेत्रों का एकीकरण शामिल है:
- पारंपरिक क्षेत्र: थल, वायु और नौसेना का बेहतर सामंजस्य।
- आधुनिक क्षेत्र: साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष (Space) और संज्ञानात्मक (Cognitive) युद्ध क्षेत्र।
- एकीकृत कमान: उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रशिक्षण और एकीकृत कमान व्यवस्था ही भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी समाधान है।
2. नई तकनीक और पेशेवर क्षमता
उत्तरी कश्मीर में तैनात बलों की पेशेवर क्षमता की सराहना करते हुए जनरल चौहान को नई तकनीकों के समावेशन (Induction of New Tech) के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने जोर दिया कि तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में सेना को न केवल तकनीकी रूप से उन्नत होना होगा, बल्कि मानसिक रूप से भी हर प्रकार के संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा।
3. नागरिक प्रशासन और स्थानीय संवाद
अपने दौरे के दौरान सीडीएस ने केवल सैन्य रणनीतियों तक सीमित न रहकर बारामूला में नागरिक प्रशासन के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से भी मुलाकात की। उन्होंने राष्ट्र निर्माण के प्रयासों और सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्यों की समीक्षा की, जो सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए ‘अवाम और सेना’ के बीच बेहतर तालमेल को दर्शाता है।

