इस्लामाबाद/लंदन | 30 मार्च, 2026
पाकिस्तान द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की पेशकश के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या दोनों प्रतिद्वंद्वी देशों के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में वार्ता हो सकती है। हालांकि, इस बातचीत की सफलता और इसमें शामिल होने वाले प्रतिनिधियों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन कूटनीतिक हलकों में इसे एक बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है। पाकिस्तान एक बार फिर खुद को पश्चिम एशिया के संकट में एक ‘मध्यस्थ’ के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, जो क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
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55 साल पुराना इतिहास: 1971 में हेनरी किसिंजर का गुप्त चीन दौरा और पाकिस्तान की भूमिका लंदन | 30 मार्च, 2026
पाकिस्तान के लिए महाशक्तियों के बीच मध्यस्थता का यह अनुभव नया नहीं है। लगभग 55 साल पहले, 1971 में पाकिस्तान ने ही अमेरिका और चीन के बीच राजनयिक संबंध स्थापित करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। उस समय अमेरिकी विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर ने पाकिस्तान के जरिए ही चीन का बेहद गोपनीय दौरा किया था। रोचक बात यह है कि उस दौर में भी पाकिस्तान आंतरिक राजनीतिक संकट और पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में जारी सैन्य संघर्ष से जूझ रहा था, फिर भी उसने शीत युद्ध के समीकरण बदलने वाली इस कूटनीतिक कड़ी को सफलतापूर्वक जोड़ा था।

