बेंगलूरू, 25 मार्च 2026
कर्नाटक विधानसभा में बुधवार को बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जहाँ मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक भविष्य और व्यक्तिगत मान्यताओं पर खुलकर बात की। विपक्ष के नेता आर. अशोक द्वारा डी.के. शिवकुमार के साथ ‘कुर्सी की लड़ाई’ पर कसे गए तंज का जवाब देते हुए सिद्धारमैया ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि यदि हाईकमान की अनुमति रही, तो वह अभी दो और बजट पेश करेंगे और 2028 में कांग्रेस फिर से सत्ता में वापसी करेगी। सदन में चर्चा तब और दिलचस्प हो गई जब मुद्दा अंधविश्वास और ‘राहु काल’ पर आ गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने अशुभ समय से बचने के लिए रात के समय बजट पेश किया, जिसके जवाब में सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया कि वह राहु काल या यमगंध काल जैसी चीजों में रत्ती भर भी विश्वास नहीं रखते और केवल लोकतांत्रिक भावना के नाते दूसरों के सुझावों का सम्मान करते हैं।
अपनी बात को पुख्ता करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि उन्होंने महाशिवरात्रि के दिन मटन खाया और इसमें उन्हें कुछ भी गलत नहीं लगता, क्योंकि उनके लिए सभी दिन समान हैं और वह कण-कण में व्याप्त ईश्वर में विश्वास करते हैं। इस पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता आर. अशोक ने चुटकी ली कि मुख्यमंत्री ने अपने डिप्टी डी.के. शिवकुमार को अपनी कुर्सी बचाने के लिए कामाख्या जैसे मंदिरों के चक्कर काटने पर मजबूर कर दिया है। सिद्धारमैया ने इन हमलों को दरकिनार करते हुए अपने तर्क को विज्ञान और यकीन पर आधारित बताया, जिससे सदन में वैचारिक मतभेद और गहरा गया है।

