नई दिल्ली, 3 अप्रैल 2026
पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बाद वैश्विक सप्लाई चेन में आई बाधाओं को देखते हुए भारत सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता को महंगाई की मार से बचाने के लिए एक व्यापक ‘प्लान ऑफ एक्शन’ तैयार किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई ‘मंत्रियों के अनौपचारिक समूह’ (IGoM) की उच्च स्तरीय बैठक में ईंधन, खाद्य सामग्री और आवश्यक रसायनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई बड़े नीतिगत निर्णय लिए गए हैं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हिस्सा लिया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत इस संकट पर 24 घंटे पैनी नजर रख रहा है।
महंगाई पर लगाम: सरकार के 3 बड़े फैसले
- सीमा शुल्क में भारी कटौती: घरेलू उद्योगों को कच्चे माल की कमी न हो, इसके लिए सरकार ने 40 आवश्यक पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर लगने वाले सीमा शुल्क (Customs Duty) को 30 जून 2026 तक पूरी तरह से हटा दिया है। इससे प्लास्टिक, टेक्सटाइल और पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में लागत कम होगी।
- हवाई किराए पर कैप: यात्रियों को महंगे टिकटों से बचाने के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की मासिक कीमतों में वृद्धि की अधिकतम सीमा 25% तय कर दी गई है।
- LPG का पुख्ता स्टॉक: सरकार ने आश्वस्त किया है कि देश में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है। रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ा दिया गया है और जमाखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
छोटे परिवारों और प्रवासियों को प्राथमिकता
युद्ध के कारण उत्पन्न अनिश्चितता के बीच, सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और प्रवासी मजदूरों का विशेष ध्यान रखा है:
- 5 किलो वाले सिलेंडर: छोटे सिलेंडरों की आपूर्ति तेज कर दी गई है। अब तक 4.3 लाख से अधिक सिलेंडर बांटे जा चुके हैं।
- कमर्शियल सप्लाई: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को राहत देते हुए कमर्शियल एलपीजी की 80% से अधिक सप्लाई को बरकरार रखा गया है।
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
गृह मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय ने संयुक्त रूप से नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर तेल या गैस की कमी को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों और अफवाहों पर विश्वास न करें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह पुख्ता है और पैनिक बुकिंग की कोई आवश्यकता नहीं है।

