कोलकाता, 30 मार्च 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर राज्य में प्रशासनिक फेरबदल का दौर तेज हो गया है। निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के चार वरिष्ठ अधिकारियों समेत कुल पांच ‘पश्चिम बंगाल सिविल सेवा (कार्यकारी)’ अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है। आयोग का मानना है कि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इस तरह के बदलाव आवश्यक हैं।
इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी: जारी अधिसूचना के अनुसार, अधिकारियों को उनके वर्तमान पदों से हटाकर विभिन्न सरकारी विभागों में तैनात किया गया है:
- सुब्रत पाल (उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी): अब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में वरिष्ठ उप सचिव होंगे।
- नरेंद्र नाथ दत्ता (अतिरिक्त सचिव, CEO कार्यालय): इन्हें श्रम विभाग में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है।
- सुप्रिया दास (अतिरिक्त सचिव, CEO कार्यालय): अब खाद्य प्रसंस्करण एवं बागवानी विभाग में जिम्मेदारी संभालेंगे।
- मिथु सरकार (संयुक्त सचिव, CEO कार्यालय): इन्हें अल्पसंख्यक कार्य और मदरसा शिक्षा विभाग में भेजा गया है।
- राहुल नाथ (अतिरिक्त सचिव, स्वास्थ्य विभाग): इन्हें CEO कार्यालय में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में नई नियुक्ति दी गई है।
चुनाव से पहले व्यापक स्तर पर बदलाव यह फेरबदल उस बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत आयोग ने हाल ही में एक ही दिन में 267 अधिकारियों का तबादला किया था। इसमें 173 थानों के प्रभारी (OC/IC) सहित 184 पुलिसकर्मी और 18 जिलों के 83 ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) शामिल हैं। इतने बड़े पैमाने पर हो रहे तबादलों ने राज्य में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है, जहाँ सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर जुबानी जंग जारी है।
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों के लिए मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होना तय है, जबकि चुनावी नतीजों की घोषणा 4 मई को की जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ये सभी नियुक्तियां अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगी और अधिकारियों को तत्काल कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है।

