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Sunday, February 15, 2026

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मुर्शिदाबाद: नशा तस्करी मामले में बड़ी कार्रवाई, टीएमसी विधायक के समधी की 10 करोड़ की संपत्ति जब्त

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने भरतपुर से विधायक और निलंबित तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता हुमायूं कबीर के दामाद के पिता, शरीफुल इस्लाम, की लगभग 10 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अवैध कमाई से खड़ा किया साम्राज्य

पुलिस जांच में सामने आया है कि ललगोला थाना क्षेत्र के निवासी शरीफुल इस्लाम पिछले सात वर्षों से कथित तौर पर नशीले पदार्थों की तस्करी के सिंडिकेट से जुड़े हुए थे। आरोप है कि इसी काली कमाई का इस्तेमाल कर उन्होंने ललगोला के नालदहारी और आसपास के क्षेत्रों में 17 से अधिक संपत्तियां, जिनमें आलीशान मकान और व्यावसायिक परिसर शामिल हैं, खड़ी कीं।

मुख्य बिंदु:

कुल संपत्ति: लगभग 10 करोड़ रुपये की 17 संपत्तियां चिन्हित।

आरोप: पिछले 7 वर्षों से मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्तता।

कनेक्शन: विधायक हुमायूं कबीर की बेटी के ससुर हैं आरोपी शरीफुल इस्लाम।

कैसे हुआ खुलासा?

इस पूरे मामले की कड़ी पिछले साल 25 मार्च को हुई एक गिरफ्तारी से जुड़ी है। पुलिस ने हुमायूं कबीर के दामाद के एक रिश्तेदार, जियाउर रहमान, को 500 ग्राम मादक पदार्थ के साथ पकड़ा था। जियाउर से पूछताछ और गहन तफ्तीश के बाद शरीफुल इस्लाम की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद उनकी संपत्तियों की जांच शुरू हुई।

विधायक ने दी सफाई: ‘यह राजनीतिक साजिश है’

संपत्तियों की जब्ती पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए विधायक हुमायूं कबीर ने इसे एक राजनीतिक साजिश करार दिया है। कबीर का कहना है: “मेरे समधी का जियाउर रहमान के अवैध कारोबार से कोई लेना-देना नहीं है। मेरे दामाद ईंट भट्टों और जमीन का वैध व्यापार करते हैं और नियमित रूप से इनकम टैक्स भरते हैं। हमें राजनीतिक रूप से परेशान करने के लिए यह जाल बुना गया है।”

विधायक ने इस कार्रवाई के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की बात भी कही है।

पुलिस की कार्रवाई जारी

जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में और उच्च अधिकारियों की अनुमति के बाद की जा रही है। जब्त की गई कुछ संपत्तियों में तो राष्ट्रीयकृत बैंक भी किराए पर चल रहे हैं। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि ‘नशा मुक्त अभियान’ के तहत अवैध रूप से अर्जित किसी भी संपत्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जब्ती की यह प्रक्रिया अगले दो-तीन दिनों तक जारी रहने की संभावना है।

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