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Tuesday, November 29, 2022

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मॉनेटरी पॉलिसी के तहत रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, वहीं जीडीपी का ग्रोथ भी अनुमान के मुताबिक बरक़रार

नई दिल्ली: रिजर्व बैंक आफ इंडिया (RBI) ने वित्त वर्ष 2022 की पहली मॉनेटरी पॉलिसी में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. मॉनेटरी पॉलिसी में रेपो रेट को 4 फीसदी पर बरकरार रखा गया है. वहीं सेंट्रल बैंक ने आगे के लिए अपना अकोमोडेटिव रुख बरकरार रखा है. रिवर्स रेपो रेट में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है और इसे 3.35 फीसदी बनाए रखा गया है. इससे पहले भी फरवरी में ब्याज दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ था.

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RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रेपो रेट 4% और रिवर्स रेपो रेट 3.35% पर बरकरार रहेगा. जबतक ग्रोथ स्टेबल नहीं हो जाती तब तक पॉलिसी रेट अकोमडेटिव ही रहेगी. आरबीआई गवर्नर ने साल 2021-22 के लिए 10.5% जीडीपी ग्रोथ का अनुमान जताया है.

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आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना का प्रसार बढ़ने के बावजूद इकोनॉमी में सुधार हो रहा है. उन्होंने कहा कि हाल में देश के कई राज्यों में कोरोना के जिस तरह से मामले बढ़े हैं, उससे थोड़ी अन‍िश्चिचतता बढ़ी है, लेकिन भारत चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है. केंद्रीय बैंक ने मौद्रिक रुख को उदार बनाए रखा है. रिजर्व बैंक के गवर्नर ने बताया कि कोरोनावायरस के नए मामले बढ़ने की वजह से ग्रोथ आउटलुक पर अनिश्चितता बनी है. कई राज्य सरकारों द्वारा कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लगाए जा रहे प्रतिबंध की वजह से आर्थिक रिकवरी को झटका लग सकता है.

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वित्त वर्ष 2022 के लिए आरबीआई ने जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 10.5 फीसदी रखा है. नए कर्ज उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय कंपनियों को 50,000 करोड़ रुपये की मदद देने का प्रावधान किया गया है. कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के हिसाब से साल 2021 की चौथी तिमाही में महंगाई दर पांच फीसदी, साल 2021-22 की पहली तिमाही में 5.2 फ़ीसदी, साल 2021-22 की दूसरी तिमाही में 5.2 फीसदी और साल 2022 की तीसरी तिमाही में 4.4 फ़ीसदी रहने का अनुमान है. चालू वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में महंगाई दर 5.1 फ़ीसदी रह सकती है.

आरबीआई गवर्नर दास ने कहा है कि केंद्रीय बैंक सिस्टम में पर्याप्त तरलता उपलब्ध कराने के लिए कदम उठा रहा है.

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