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Sunday, April 21, 2024

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स्वर कोकिला लता मंगेशकर ‘मेलॉडी क़्वीन’ का निधन, संगीत जगत की भारी क्षति

मेलोडी की रानी, सुर साम्राज्ञी महान गायिका लता मंगेशकर का रविवार सुबह निधन हो गया. बीते दिन उनका स्वास्थ्य बिगड़ गया था, जिसके बाद उन्हें दोबारा वेंटिलेटर पर रखा गया था और वह लगातार चिकित्सकों की निगरानी में थीं.

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दरअसल, 92 साल की लता मंगेशकर को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद आठ जनवरी को ब्रीच कैंडी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था, जहां डॉ प्रतीत समदानी और चिकित्सकों की टीम की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था. लता मंगेशकर का अंतिम संस्कार आज शाम को राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. इस बीच अस्पताल परिसर के बाहर अवरोधक लगाए गए हैं और सुरक्षा कड़ी कर दी गई और वहां मीडियाकर्मियों का जमावड़ा लगा हुआ है.

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भारतीय सिनेमा की बेहतरीन गायिकाओं में शुमार लता ने 13 साल की उम्र में 1942 में अपने करियर की शुरूआत की थी. उन्होंने विभिन्न भारतीय भाषाओं में अब तक 25 हजार से अधिक गाने गाए हैं. सात दशक के अपने करियर में उन्होंने कई ऐसे गाने गाए हैं, जो आज भी लोगों के जेहन में हैं. इनमें ‘‘अजीब दास्तां है ये’ ‘प्यार किया तो डरना क्या’ और ‘नीला आसमां सो गया’ शामिल है.

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लता को भारत की ‘सुर साम्राज्ञी’ के नाम से जाना जाता है और उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से भी नवाजा जा चुका है. इसके अलावा लता को पद्म भूषण, पद्म विभूषण और दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है.

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