नई दिल्ली | 24 मार्च, 2026
केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने के लिए तत्काल कोई विधेयक लाने की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है। सूत्रों के अनुसार, संसद का वर्तमान बजट सत्र अपनी निर्धारित अवधि से पहले, संभवतः 2 अप्रैल तक स्थगित किया जा सकता है। हालांकि, सरकार इस सत्र का ‘सत्रावसान’ (Prorogue) नहीं करेगी, ताकि अगले महीने पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में होने वाले विधानसभा चुनावों के बाद इसे दोबारा बुलाने का विकल्प खुला रहे। लोकसभा की सीटों में इस भारी वृद्धि का मुख्य उद्देश्य 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करना है, जो कुल सीटों का 33 प्रतिशत होगा।
विपक्षी दलों से अधूरी बातचीत और 2011 की जनगणना का आधार; 2029 से लागू होने की उम्मीद नई दिल्ली | 24 मार्च, 2026
सरकार के इस महत्वाकांक्षी कदम पर अभी सभी राजनीतिक दलों के बीच पूर्ण सहमति नहीं बन पाई है। गृह मंत्री अमित शाह ने कई क्षेत्रीय दलों के साथ चर्चा की है, लेकिन कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के साथ व्यापक बातचीत अभी बाकी है। मंगलवार शाम तक इस विधेयक के मसौदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष रखने का कोई प्रस्ताव नहीं था। प्रस्ताव के अनुसार, सीटों के नए परिसीमन (Delimitation) के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाया जा सकता है। संसद से मंजूरी मिलने के बाद ये ऐतिहासिक बदलाव 31 मार्च 2029 से प्रभावी हो सकते हैं। फिलहाल, सरकार का पूरा ध्यान 4 मई को आने वाले विधानसभा चुनाव परिणामों पर है।

