कोलकाता, 27 मार्च 2026
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास को लेकर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। कोलकाता हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने एसआईआर (SIR) की पहली पूरक सूची को सार्वजनिक न करने और लाखों मतदाताओं के नाम हटाने को “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा ‘गायब करने वाली मशीन’ के जरिए विपक्षी मतदाताओं और एक खास समुदाय को निशाना बना रही है।
विवाद के मुख्य बिंदु और आंकड़े
मतदाता सूची में हुए बदलावों ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। आधिकारिक सूत्रों और मुख्यमंत्री के दावों के अनुसार स्थिति इस प्रकार है:
- भारी कटौती: राज्य में कुल 7.6 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 76 लाख नाम (करीब 10%) हटाए जा चुके हैं। वर्तमान में मतदाताओं की संख्या घटकर लगभग 6.8 करोड़ रह गई है।
- पहली पूरक सूची का पेंच: 23 मार्च को जारी हुई पहली पूरक सूची में जांचे गए नामों में से लगभग 13 लाख अतिरिक्त नाम हटाए गए हैं। ममता बनर्जी का आरोप है कि इस सूची का पूरा विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
- परिवारों का विखंडन: मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कई मामलों में एक ही परिवार के चार सदस्यों के नाम हटा दिए गए हैं और केवल एक को सूची में रखा गया है।

