डेमोक्रेटिक टीएमसी ने दर्ज कराई थी शिकायत, बंगाल कांग्रेस पर राहुल को गुमराह करने का लगाया आरोप
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर तीखी राजनीतिक जंग शुरू हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा इस गिरफ्तारी को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ और ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिए जाने के बाद डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कड़ा पलटवार किया है। ऋतब्रत ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी बदले की भावना से नहीं, बल्कि कानून के तहत लंबित गैर-जमानती वारंट के आधार पर की गई है।
हत्या के तीन लंबित मामलों का हवाला, शिकायत दर्ज कराने की बात कही ऋतब्रत बनर्जी ने पलटवार करते हुए बताया कि मिलन प्रधान के खिलाफ उनकी ही पार्टी ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ हत्या के तीन गंभीर आपराधिक मामले अदालतों में लंबित हैं। चुनाव आचार संहिता और न्यायिक नियमों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान किसी भी आरोपी के खिलाफ लंबित गैर-जमानती वारंट पर अमल करना पुलिस प्रशासन की अनिवार्य कानूनी जिम्मेदारी होती है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व ने राहुल गांधी को जमीनी हकीकत और मिलन प्रधान की आपराधिक पृष्ठभूमि से पूरी तरह अनजान रखकर गुमराह किया है।
राहुल गांधी ने लगाया था लोकतंत्र की हत्या और चुनाव चोरी का आरोप इससे पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए केंद्र और जांच एजेंसियों पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि नंदीग्राम उपचुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान की गिरफ्तारी कोई सामान्य घटना या संयोग नहीं, बल्कि सुनियोजित राजनीतिक प्रतिशोध है। राहुल ने आरोप लगाया था कि भाजपा निष्पक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में विश्वास नहीं रखती और सत्ता बनाए रखने के लिए वोट चोरी, सरकार चोरी और पार्टियों को तोड़ने जैसे हथकंडे अपनाती है। उन्होंने दो टूक कहा था कि कांग्रेस ऐसी कार्रवाइयों से न डरेगी और न झुकेगी, बल्कि मजबूती से चुनावी मुकाबला लड़ेगी और जीतेगी।

