राम मंदिर स्किट विवाद के बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हाथापाई; पूर्णिया सांसद बोले—’मुझे मारने की रची गई थी सुनियोजित साजिश’
नई दिल्ली:
बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय लोकसभा सांसद पप्पू यादव के दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित तौर पर चाकू से हमले का प्रयास किया गया। हाल ही में संसद परिसर में ‘राम मंदिर चंदे’ से संबंधित विवादित स्किट को लेकर छिड़ी बहस के बीच यह घटना सामने आई है।
घटना के बाद सांसद के समर्थकों और हमलावरों के बीच जमकर हाथापाई हुई। पप्पू यादव के वकील और समर्थकों ने दिल्ली पुलिस पर लापरवाही और सत्तारूढ़ दल के साथ मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं।
‘दिल्ली पुलिस की नाकामी, 51 लाख के इनाम की दी जा रही थी धमकी’
सुरक्षा में गंभीर चूक का आरोप लगाते हुए पप्पू यादव के वकील ने मीडिया से बातचीत में कहा:
सुरक्षा की अनदेखी: सांसद को पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर ‘सिर कलम करने पर 51 लाख रुपये के इनाम’ जैसी खुली धमकियां मिल रही थीं। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को लगातार शिकायतें दी गईं, फिर भी केवल 3-4 पुलिसकर्मी ही तैनात किए गए।
पुलिस की भूमिका पर सवाल: वकील ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस मूकदर्शक बनी रही और मीडिया की मौजूदगी के बीच अराजक तत्वों ने चाकू लहराया। उन्होंने इस विफलता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
मीडिया संयोजक का दावा: ‘बचाने के चक्कर में मुझे बेरहमी से पीटा गया’
सांसद के मीडिया संयोजक ने दावा किया कि उन्होंने पप्पू यादव को बचाने का प्रयास किया, जिससे हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया और वे बेहोश हो गए:
पहले हमलावरों ने चप्पलें फेंकी और फिर चाकू निकालने की कोशिश की।
सांसद को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के दौरान पुलिस बल हमलावरों के प्रति नरम रवैया अपनाता नजर आया। पुलिस कुछ लोगों को हिरासत में लेकर गई है, हालांकि अभी तक आधिकारिक संख्या स्पष्ट नहीं की गई है।
पप्पू यादव का बयान: ‘200 किलो चांदी और सोने का सवाल पूछना क्या अपराध है?’
हमले के बाद पप्पू यादव ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए इसे अपनी हत्या की पूर्व-नियोजित साजिश करार दिया:
चंदे पर सवाल का नतीजा: पप्पू यादव ने कहा, “मैंने केवल यह सवाल पूछा था कि चंपत राय और अन्य व्यवस्थापकों के पास 200 किलो चांदी और सोने का क्या हुआ? मैंने सिर्फ मंदिर के चंदे पर पारदर्शिता मांगी थी। क्या सवाल पूछना कोई अपराध है?”
उन्होंने कहा कि यदि वहां उनके समर्थक और मीडियाकर्मी मौजूद न होते, तो उनकी जान जा सकती थी।
क्या है पूरा विवाद?
31 जुलाई की स्किट: विपक्षी सांसदों ने 31 जुलाई को संसद परिसर में एक प्रतीकात्मक स्किट (Skit) प्रस्तुत किया था, जिसमें पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी की भूमिका निभाई थी। इस प्रस्तुति के जरिए राम मंदिर निर्माण निधि से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे।
भाजपा का विरोध और FIR: इस प्रस्तुति पर भाजपा नेताओं (जिनमें सांसद बांसुरी स्वराज शामिल हैं) ने कड़ी आपत्ति जताई और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में शिकायतें दर्ज कराईं। इसके अतिरिक्त वाराणसी और दिल्ली के जहांगीरपुरी थाने में भी सांसद के खिलाफ प्राथमिकियां (FIR) दर्ज की गई हैं।
घटना के बाद दिल्ली पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

