घुसपैठ, ड्रग्स और कट्टरपंथ के खात्मे का आह्वान; 3 साल में सुप्रीम कोर्ट तक केस निपटारे का लक्ष्य
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली में आसूचना ब्यूरो (आईबी) द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन’ (NSS Conference) के समापन सत्र को संबोधित करते हुए घुसपैठ और आंतरिक सुरक्षा पर कड़ा संदेश दिया। गृह मंत्री ने दो टूक कहा कि “यह देश कोई धर्मशाला नहीं है, यहां केवल देश के वैध नागरिकों को ही रहने का अधिकार है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि घुसपैठिए राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) तीनों के लिए बड़ा संकट हैं।
अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य बहुत कम समय में देश को पूरी तरह ‘घुसपैठिया मुक्त’ बनाना है, जिसके लिए सभी सीमावर्ती राज्यों के साथ चतुष्कोणीय सीमा सुरक्षा दृष्टिकोण का रोडमैप साझा किया गया है।
3 साल में सुप्रीम कोर्ट तक मामलों का निपटारा गृह मंत्री ने घोषणा की कि अगले एक वर्ष में तीनों नए आपराधिक कानूनों (भारतीय न्याय संहिताओं) का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। इससे आपराधिक मामलों का ट्रायल कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अधिकतम तीन साल के भीतर अंतिम निपटारा हो सकेगा, जिससे दोष सिद्धि दर (Conviction Rate) में 25 प्रतिशत तक की वृद्धि का अनुमान है। उन्होंने सम्मेलन को अगले 15-20 वर्षों की संभावित सुरक्षा चुनौतियों का पूर्वानुमान लगाकर अग्रिम रणनीति तैयार करने का निर्देश दिया।
नारकोटिक्स और आतंक के खिलाफ ‘3D’ फॉर्मूला नशा मुक्त भारत के संकल्प को दोहराते हुए गृह मंत्री ने राज्यों की पुलिस को ‘डिटेक्ट, डिसरप्ट और डिस्ट्रॉय’ (3D) फॉर्मूले पर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029’ को धरातल पर उतारने का आह्वान किया। साथ ही आतंकवाद के संपूर्ण सफाए के लिए ‘प्रहार’ पहल को दैनिक कार्यशैली में शामिल करने को कहा।
एआई आधारित डेटा इंटीग्रेशन पर जोर अमित शाह ने युवा पुलिस अधिकारियों से सीसीटीएनएस (CCTNS), आईसीजेएस (ICJS), नैटग्रिड (NATGRID) और एनएएफआईएस (NAFIS) के इंटीग्रेटेड डेटा बैंक का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए विश्लेषण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समय रहते कार्रवाई योग्य इनपुट विकसित कर भविष्य के खतरों को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।

