अहमदाबाद, 4 अप्रैल 2026
12 जून 2025 को हुए एअर इंडिया (AI 171) विमान हादसे की बरसी से ठीक दो महीने पहले, अपनों को खोने वाले परिवारों का दर्द एक बार फिर छलक पड़ा है। अहमदाबाद में जुटे करीब 30 पीड़ित परिवारों ने एक सुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है कि उन्हें इस त्रासदी का ‘कड़वा सच’ बताया जाए। परिजनों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और ब्लैक बॉक्स का डेटा सार्वजनिक किया जाए।
“हमें मुआवजा नहीं, जवाब चाहिए”
अहमदाबाद की बैठक में शामिल परिवारों का कहना है कि वे पिछले 10 महीनों से अंधेरे में हैं। हादसे में अपने 24 वर्षीय बेटे को खोने वाले नीलेश पुरोहित ने भर्राई आवाज में कहा, “कोई भी वित्तीय सहायता उस खालीपन को नहीं भर सकती जो मेरे घर में है। हमें बस यह जानना है कि उस दिन क्या हुआ था—क्या वह कोई तकनीकी खराबी थी या मानवीय चूक?”
पीड़ितों ने सुझाव दिया है कि यदि सुरक्षा कारणों से डेटा पूरी तरह सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, तो कम से कम प्रभावित परिवारों के साथ इसे ‘इन-कैमरा’ (बंद कमरे में) साझा किया जाए।
एअर इंडिया के ‘डिजिटल सिस्टम’ से नाराजगी
परिजनों ने एअर इंडिया द्वारा सामान की पहचान के लिए बनाई गई व्यवस्था पर भी कड़े सवाल उठाए हैं:
- धुंधली तस्वीरें: परिजनों का आरोप है कि एयरलाइन की वेबसाइट पर अपलोड की गई 25,000 से अधिक सामानों की तस्वीरें इतनी खराब हैं कि पहचान करना नामुमकिन है।
- तकनीकी बाधा: ग्रामीण इलाकों के लोग जो ईमेल या इंटरनेट का उपयोग नहीं जानते, वे एयरलाइन से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। एक ईमेल का जवाब मिलने में 15-15 दिन का समय लग रहा है।
- मानसिक प्रताड़ना: अपनों की यादों और सामान को सार्वजनिक पोर्टल पर ‘नुमाइश’ की तरह देखना परिवारों के लिए भावनात्मक रूप से बेहद कष्टकारी साबित हो रहा है।
हादसे का घटनाक्रम
12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद पास के एक मेडिकल कॉलेज हॉस्टल पर जा गिरी थी। इस भीषण दुर्घटना में:
- कुल मौतें: 260 (विमान में सवार 241 और जमीन पर मौजूद 19 लोग)।
- जांच की स्थिति: एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) मामले की जांच कर रहा है, जिसकी अंतिम रिपोर्ट इस साल जून तक आने की संभावना है।

