32 C
Mumbai
Saturday, March 28, 2026

आपका भरोसा ही, हमारी विश्वसनीयता !

कश्मीर में 16 गुना अधिक खर्च कर रहा भारत पाकिस्तान की तुलना में, दुनिया में हो रही चर्चा

Array

पड़ोसी देश पाकिस्तान पीओके पर जितना खर्च करता है उसका 16 गुना ज्यादा भारत जम्मू कश्मीर पर खर्च कर रहा है। दुनिया के अन्य हिस्सों में भी अब इस मुद्दे पर चर्चा हो रही है। अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद, भारत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की तुलना में कम से कम 16 गुना अधिक खर्च कर रहा है। कश्मीर सांस्कृतिक केंद्र (वियना) द्वारा ऑस्ट्रिया की एसपीओ (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी) के साथ इस मुद्दे पर एक सेमीनार आयोजित किया गया था। यह सेमीनार राठौस हॉल के अंदर “कश्मीर में सामाजिक-आर्थिक विकास- लोगों का परिप्रेक्ष्य” विषय पर आयोजित किया गया था। यहां मौजूद वक्ताओं ने दो कश्मीर के विकास की तुलना की और भारत के विकास कार्यों की सराहना की।

वक्ताओं में कश्मीर सांस्कृतिक केंद्र, वियना के प्रमुख नईम खान, यूकेपीएनपी के अध्यक्ष सरदार शौकत अली कश्मीरी, नासिर अजीज खान और साजिद हुसैन ने इस संगोष्ठी के दौरान अपनी बात रखी। उन्होंने भारत और पाकिस्तान की तुलना करते हुए कहा कि भारत पाकिस्तान से कहीं ज्यादा कश्मीर पर खर्च कर रहा है।

नईम खान ने सेमीनार के दौरान भारत और पाकिस्तान के लोगों के सामाजिक-आर्थिक विकास की तुलना की। उन्होंने कहा कि कश्मीर और पीओके के बजट को देखें तो ये अंतर कहीं ज्यादा नजर आता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा खर्च की गई राशि की तुलना में भारत कश्मीर पर कम से कम 16 गुना अधिक खर्च करता है। उन्होंने आगे विस्तार से बताया कि भारत पाकिस्तान की तुलना में शिक्षा पर 9 गुना अधिक खर्च करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले 2 वर्षों के दौरान, भारत सरकार का पूरा ध्यान जम्मू-कश्मीर के सामाजिक-आर्थिक विकास पर रहा है।

कश्मीर की अर्थव्यवस्था को एक ठोस ढांचागत बढ़ावा देने के लिए बड़ी संख्या में परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। वॉयस ऑफ वियना की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन फलफूल रहा है और पिछले साल इसने पिछले दो दशकों में सबसे अधिक पर्यटकों की मेजबानी की। दोनों देशों की तुलना करते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान को भारत से सीखना होगा और कश्मीर के विकास पहलुओं पर काम करना होगा।

यूकेपीएनपी के प्रवक्ता नासिर अजीज खान ने कहा कि पाकिस्तान में रहने वाले कश्मीरी आतंकवाद का समर्थन नहीं करते हैं और क्षेत्र में शांति और विकास चाहते हैं। खान ने कहा, ‘लेकिन पाकिस्तान सिर्फ इस बात पर ध्यान दे रहा है कि भारत में आतंक कैसे बढ़ाया जाए।”

कश्मीर की अर्थव्यवस्था को एक ठोस ढांचागत बढ़ावा देने के लिए बड़ी संख्या में परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। वॉयस ऑफ वियना की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन फलफूल रहा है और पिछले साल इसने पिछले दो दशकों में सबसे अधिक पर्यटकों की मेजबानी की। दोनों देशों की तुलना करते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान को भारत से सीखना होगा और कश्मीर के विकास पहलुओं पर काम करना होगा।

यूकेपीएनपी के प्रवक्ता नासिर अजीज खान ने कहा कि पाकिस्तान में रहने वाले कश्मीरी आतंकवाद का समर्थन नहीं करते हैं और क्षेत्र में शांति और विकास चाहते हैं। खान ने कहा, ‘लेकिन पाकिस्तान सिर्फ इस बात पर ध्यान दे रहा है कि भारत में आतंक कैसे बढ़ाया जाए।”

उन्होंने कहा, “एक तरफ पाकिस्तान दावा करता है कि पीओके एक स्वशासित राज्य है, पाकिस्तान के प्रांत का हिस्सा नहीं है। लेकिन फिर दूसरी तरफ वे हर चीज के लिए पाकिस्तान में विलय के हलफनामे पर हस्ताक्षर करने पर जोर क्यों दे रहे हैं। पीओके में यही हो रहा है। यह स्पष्ट रूप से कश्मीर पर पाकिस्तान द्वारा धकेले गए दोहरे मापदंड और झूठे आख्यान को सामने लाता है।”

वियना राज्य संसद के सदस्य और यूरोपीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मामलों की राज्य समिति के अध्यक्ष पीटर फ्लोरियन्सचुट्ज, वियना राज्य संसद के सदस्य और शिक्षा, युवा, एकता एवं पारदर्शिता समिति के सदस्य सफाक एके, वियना राज्य संसद के पूर्व सदस्य सेनोल अकिलिक और एसपीओ पार्टी के अन्य सदस्यों ने वियना राज्य सरकार की सीट राठौस हॉल के अंदर इस सेमीनार में भाग लिया। 

ताजा खबर - (Latest News)

Related news

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here