अमृतसर से दिल्ली होते हुए जर्मनी रवाना हुए थे यात्री, गृह मंत्रालय ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर हवाई सुरक्षा और आव्रजन (इमिग्रेशन) प्रक्रिया में एक बेहद गंभीर चूक का मामला सामने आया है। तीन विदेशी यात्री अनिवार्य इमिग्रेशन जांच प्रक्रिया पूरी किए बिना ही अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान क्षेत्र में पहुंच गए और वहां से नियमित उड़ान पकड़कर जर्मनी के म्यूनिख शहर पहुंच गए। इस गंभीर प्रक्रियागत लापरवाही को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाते हुए एअर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और सात दिनों के भीतर विस्तृत जवाब तलब किया है।
अमृतसर से दिल्ली होते हुए कनेक्टिंग फ्लाइट का मामला सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह सुरक्षा चूक तीन और चार सितंबर के बीच घटित हुई। तीनों विदेशी नागरिकों ने पंजाब के अमृतसर से एअर इंडिया की घरेलू उड़ान (AI-1115) से दिल्ली के लिए यात्रा शुरू की थी। अमृतसर एयरपोर्ट पर उन्हें दिल्ली के लिए डी-बोर्डिंग पास जारी किया गया था। इसके साथ ही कनेक्टिंग यात्रा के तहत उन्हें दिल्ली से म्यूनिख जाने वाली विदेशी एयरलाइन लुफ्थांसा की अंतरराष्ट्रीय उड़ान (LH-763) का बोर्डिंग पास भी पहले ही थमा दिया गया था।
प्रोटोकॉल का उल्लंघन और उच्चस्तरीय समीक्षा नियमों के अनुसार, घरेलू उड़ान से उतरकर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिंग फ्लाइट में सवार होने वाले प्रत्येक यात्री को ट्रांजिट इमिग्रेशन काउंटर और अनिवार्य सुरक्षा जांच से गुजरना होता है। हालांकि, गंभीर लापरवाही के चलते तीनों यात्री बिना किसी आव्रजन मंजूरी के सीधे अंतरराष्ट्रीय विमान में सवार होने में सफल रहे। मामले की संवेदनशीलता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को सभी संबंधित सुरक्षा एजेंसियों, आव्रजन ब्यूरो और एयरलाइन प्रतिनिधियों की एक उच्चस्तरीय आपात बैठक बुलाई है।

