चोरबागान पंडाल में भगदड़ के बाद प्रशासन का सख्त कदम, अग्निशमन, प्रकाश और कतार प्रबंधन पर रहेगा विशेष जोर
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी काली पूजा और जगधात्री पूजा उत्सवों के शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य प्रशासन ने एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। हाल ही में उत्तरी कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में अत्यधिक भीड़ के चलते हुई भगदड़ की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
प्रशासन द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों में तीन प्रमुख स्तंभों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जिनमें अग्निशमन सुरक्षा, प्रभावी भीड़ प्रबंधन और पंडालों के भीतर व बाहर रोशनी की निर्बाध व्यवस्था शामिल हैं। प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी पूजा समिति को इन सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और आयोजकों को तय नियमों का अक्षरशः पालन करना अनिवार्य होगा।
अग्निशमन सुरक्षा के अंतर्गत सभी पूजा पंडालों में पर्याप्त संख्या में पोर्टेबल अग्निशामक यंत्र, रेत की बाल्टियां और आपातकालीन जल आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, पंडालों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कपड़े और सजावटी सामग्री के विद्युत तारों के सीधे संपर्क में न आने तथा शार्ट-सर्किट से बचाव के लिए प्रमाणित विद्युत उपकरणों व लोड ऑडिट को अनिवार्य बनाया गया है।
भीड़ नियंत्रण को सुगम बनाने के लिए पूजा कमेटियों को अलग-अलग और चौड़े प्रवेश व निकास द्वारों की व्यवस्था करने को कहा गया है। बड़े पंडालों में बैरिकेडिंग के जरिए नियंत्रित कतार प्रबंधन प्रणाली लागू करने और स्वयंसेवकों को पुलिस प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय में रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपातकालीन निकास मार्गों को पूरी तरह बाधा मुक्त रखना होगा, ताकि किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
पंडाल परिसरों और उनके आसपास के प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त रोशनी तथा बैकअप जनरेटर की व्यवस्था को भी अनिवार्य किया गया है, ताकि बिजली कटने की स्थिति में भगदड़ जैसी स्थिति न बने। पुलिस और नागरिक प्रशासन की संयुक्त टीमें उत्सव के दौरान पंडालों का औचक निरीक्षण करेंगी और सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

