कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने कार्यकाल बढ़ाने के प्रस्ताव को दी मंजूरी, रक्षा मंत्रालय में बनी रहेगी निरंतरता
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह को एक वर्ष का सेवा विस्तार प्रदान करने का औपचारिक निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने शनिवार, 24 अक्तूबर को इस संबंध में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा प्रस्तुत सेवा विस्तार प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दे दी। इस निर्णय के बाद रक्षा मंत्रालय के शीर्ष प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण निरंतरता सुनिश्चित हो गई है।
आधिकारिक आदेश के अनुसार, राजेश कुमार सिंह का वर्तमान कार्यकाल 31 अक्तूबर 2026 को समाप्त होने वाला था। अब नए सेवा विस्तार आदेश के प्रभावी होने के बाद वह 31 अक्तूबर 2027 तक अथवा अगले आधिकारिक आदेश तक अपने पद पर बने रहेंगे। नियुक्ति समिति के इस कदम से स्पष्ट है कि सरकार मौजूदा सुरक्षा प्राथमिकताओं और रक्षा आधुनिकीकरण की गति को बिना किसी फेरबदल के आगे बढ़ाना चाहती है।
कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि इस निर्धारित समयावधि से पूर्व कोई नया निर्देश या प्रशासनिक व्यवस्था जारी होती है, तो उसी के अनुरूप अंतिम फैसला लागू माना जाएगा। यानी उनका यह बढ़ा हुआ कार्यकाल 31 अक्तूबर 2027 तक या अगले किसी सरकारी आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगा।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने रक्षा सचिव के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कई प्रमुख रक्षा सुधारों, स्वदेशी रक्षा निर्माण पहलों और अंतर-सेवा समन्वय को सशक्त बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत घरेलू स्तर पर सैन्य साजो-सामान के उत्पादन और रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर तेजी से काम चल रहा है।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान भू-राजनीतिक चुनौतियों और सशस्त्र बलों के थिएटर कमांड पुनर्गठन जैसे बड़े सुधारों के बीच उनका पद पर बना रहना रक्षा मंत्रालय के लिए अत्यंत रणनीतिक साबित होगा। सेवा विस्तार मिलने के साथ ही अब वह आगामी वर्ष में सीमा सुरक्षा, रणनीतिक खरीद और सेना के आधुनिकीकरण से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं का मार्गदर्शन जारी रखेंगे।

