30 महीने के लिए जनरल एटॉमिक्स के साथ हुआ अनुबंध; हिंद महासागर में समुद्री निगरानी और टोही क्षमता होगी मजबूत
नई दिल्ली:
भारतीय नौसेना की समुद्री निगरानी और टोही क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए रक्षा मंत्रालय ने अमेरिकी रक्षा कंपनी जनरल एटॉमिक्स एयरोनॉटिकल सिस्टम्स (General Atomics) के साथ एक बड़ा रक्षा करार किया है। मंत्रालय ने सोमवार को नौसेना के लिए दो MQ-9B सी गार्डियन (SeaGuardian) हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस (HALE) मानवरहित विमान लीज पर लेने के लिए 1,943 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।
यह अनुबंध 30 महीने की अवधि के लिए किया गया है। भारतीय नौसेना पहले से ही दो ऐसे सी गार्डियन ड्रोनों का संचालन कर रही है, जिन्हें पूर्व में लीज पर लिया गया था।
MQ-9B सी गार्डियन ड्रोन की प्रमुख विशेषताएं
- लंबी उड़ान क्षमता: यह ड्रोन लगातार 35 घंटे से अधिक समय तक हवा में रहकर लंबी दूरी की निगरानी कर सकता है।
- हथियार ले जाने की क्षमता: इसमें 4 हेलफायर मिसाइलें (Hellfire Missiles) और लगभग 450 किलोग्राम तक के आधुनिक लेजर गाइडेड बम ले जाने की क्षमता है।
- बहुउद्देशीय मिशन: यह समुद्री निगरानी, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (पनडुब्बी रोधी युद्ध) और ओवर-द-होराइजन टारगेटिंग जैसे जटिल ऑपरेशनों को अंजाम देने में सक्षम है।
- सेंसर व पेलोड: अत्याधुनिक सेंसर और रडार सिस्टम से लैस यह ड्रोन हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में सटीक खुफिया जानकारी जुटाने में सक्षम है।
भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग और 31 ड्रोनों की डील
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| वर्तमान लीज समझौता | 1,943 करोड़ रुपये की लागत से 2 MQ-9B ड्रोन (30 महीने के लिए)। |
| $4 बिलियन का मेगा सौदा | भारत ने अक्टूबर 2024 में अमेरिका के साथ तीनों सेनाओं के लिए 31 MQ-9B ड्रोन खरीदने की डील को अंतिम रूप दिया था, जिसकी आपूर्ति का इंतजार है। |
| कूटनीतिक बैठक | अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जनरल एटॉमिक्स ग्लोबल के सीईओ डॉ. विवेक लाल से मुलाकात कर एयरोस्पेस, रक्षा और उन्नत तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। |
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह कदम हिंद महासागर में चीन और अन्य रणनीतिक चुनौतियों के मद्देनजर वास्तविक समय में खुफिया और निगरानी कवरेज (ISR) को अभूतपूर्व मजबूती देगा।

