मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ धरने पर बैठे नेताओं को हिरासत में लेने से नाराजगी; देशभर में प्रदर्शन के निर्देश
नई दिल्ली: विपक्षी सांसदों और नेताओं पर हुई पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के विरुद्ध आर-पार की जंग का एलान कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन हटाए जाने और हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने आज के दिन को भारतीय लोकतंत्र के लिए औपचारिक रूप से ‘काला दिवस’ घोषित किया है। पार्टी ने इस दमनकारी कार्रवाई के खिलाफ देशभर में ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर तक व्यापक विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है।
पार्टी नेतृत्व ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर जारी आधिकारिक संदेश में सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों (पीसीसी), जिला कांग्रेस कमेटियों (डीसीसी) और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों को एकजुट होकर सड़कों पर उतरने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। पार्टी की ओर से जारी कार्ययोजना के तहत सभी राज्यों की राजधानियों, जिला मुख्यालयों और तहसील स्तरों पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की मनमानी के खिलाफ पुतला दहन, मौन मार्च और धरना प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि संसद मार्ग और आकाशवाणी भवन के पास शांतिपूर्ण तरीके से अपनी जायज मांग रख रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य वरिष्ठ सांसदों के साथ जिस तरह का अलोकतांत्रिक व्यवहार किया गया, वह लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पूरी तरह खिलाफ है। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की स्वायत्तता और निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाले विपक्षी जनप्रतिनिधियों की आवाज को पुलिस बल के सहारे दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

