तेहरान, 30 मार्च 2026
ईरान ने अमेरिका द्वारा संभावित जमीनी सैन्य कार्रवाई के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। ईरानी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि उनकी सेनाएं जमीन पर अमेरिकी सैनिकों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी दुस्साहस की स्थिति में उन्हें ‘राख’ में तब्दील कर दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य हलचल तेज हो गई है और विमानवाहक पोत यूएसएस जॉर्ज डब्लू बुश क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर कालिबफ ने हुंकार भरते हुए कहा कि उनकी मिसाइलें तैनात हैं और संकल्प पहले से कहीं अधिक मजबूत है।
इस बीच, अमेरिकी और इजरायली संयुक्त हमलों ने ईरान के सैन्य ढांचे को गहरा नुकसान पहुंचाया है। खुफिया आकलनों के अनुसार, इन हमलों में ईरान के मिसाइल भंडार का एक-तिहाई हिस्सा और लगभग 330 मिसाइल लॉन्चर नष्ट हो चुके हैं। साथ ही, ईरान की 80-85% सतह से हवा में मार करने वाली डिफेंस प्रणालियां भी बेकार कर दी गई हैं। सबसे बड़ा रणनीतिक झटका सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई वरिष्ठ कमांडरों की मौत के रूप में लगा है। दूसरी ओर, इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्ला के खिलाफ अपने अभियानों का दायरा बढ़ा दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध की लपटें फैलती दिख रही हैं।
संघर्ष के वैश्विक विस्तार की आशंका तब और बढ़ गई जब यमन के हूती विद्रोहियों ने शनिवार को आधिकारिक तौर पर युद्ध में शामिल होने का ऐलान कर दिया। हूतियों ने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है, जिससे बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के बंद होने का खतरा पैदा हो गया है। पहले से ही होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा की आपूर्ति ठप होने के कारण दुनिया भर में गंभीर ऊर्जा संकट खड़ा हो गया है। जहाँ एक ओर युद्ध तेज हो रहा है, वहीं दूसरी ओर तुर्की, मिस्र और सऊदी अरब के प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान में एकत्रित होकर शांति बहाली के रास्ते खोजने की कोशिश कर रहे हैं।

