भारत-बांग्लादेश सीमा पर मवेशी तस्करों ने बीएसएफ के जवानों पर हमला कर दिया। इस हमले में एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल जवान को तुरंत कोलकाता ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। जवान की स्थिति गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद, बीएसएफ के अधिकारियों ने बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के साथ कमांडेंट स्तर की बैठक की और कड़ा विरोध दर्ज कराया।
दक्षिण बंगाल सीमांत के प्रवक्ता डीआईजी ए.के. आर्य ने बताया कि भारत-बांग्लादेश सीम घटना सोमवार की है। पश्चिम बंगाल के नदिया जिले की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रात करीब साढ़े दस बजे थर्मल इमेजर (एचएचटीआई) के साथ ड्यूटी पर तैनात जवान ने संदिग्ध गतिविधि देखी। ये छह से सात लोग थे। जवान ने तुरंत नजदीकी जवान को सतर्क किया।
इसी बीच, धारदार हथियारों और वायर कटर से लैस करीब चार बांग्लादेशी तस्करों ने इंप्रोवाइज्ड बाड़ को काटा और सीमा पार करके भारत की ओर बढ़ने लगे। जवान ने घुसपैठियों को रुकने की चेतावनी दी और ललकारते हुए उनकी ओर भागा। लेकिन तस्करों ने जवान को ही घेरने की कोशिश की। जवान ने अपने पंप एक्शन गन (पीएजी) से एक राउंड फायर किया। इसके बाद बांग्लादेशी तस्करों ने बीएसएफ जवान पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया। हमले में जवान के कूल्हे, कमर और गर्दन पर गंभीर चोटें आईं। हमला इतना तेज था कि जवान की बेल्ट भी कट गई और राइफल और मैगजीन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे मैगजीन से सभी गोलियां बिखर गईं।
साथी जवानों ने तुरंत पीएजी से गोली चलाई, लेकिन तब तक बांग्लादेशी बदमाश अंधेरे और घनी झाड़ियों का फायदा उठाकर बांग्लादेश भागने में सफल रहे। घायल जवान को तुरंत प्राथमिक उपचार के बाद कोलकाता के एसएसकेएम ट्रॉमा सेंटर में लाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
घटना के बाद, बीएसएफ अधिकारियों ने बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के साथ कमांडेंट स्तर की बैठक की और कड़ा विरोध दर्ज कराया। घटना में शामिल बांग्लादेशी बदमाशों के नाम साझा किए और बीजीबी से उनकी तत्काल गिरफ्तारी का आग्रह किया। सूत्रों ने बताया कि हमलावर बांग्लादेश के झेनइदाह जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास के गांवों के हैं। बीएसएफ ने घटना की सूचना धनतला पुलिस स्टेशन को दी है और प्राथमिकी दर्ज की गई है।

