कप्तान बनने के बाद भी ट्रेनिंग कोर्स से छूट गए थे अधिकारी; 2019 से 2024 बैच के अफसर होंगे शामिल
नई दिल्ली: भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 110 अधिकारियों के लिए कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने एक अहम प्रशासनिक कदम उठाया है। विभिन्न जिलों में पुलिस कप्तान (एसपी/एसएसपी) या समकक्ष महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर तैनात होने के बावजूद ये अधिकारी अपनी अनिवार्य प्रारंभिक ट्रेनिंग के दौरान किसी न किसी कारणवश ‘स्पेशल फाउंडेशन कोर्स’ पूरा करने से चूक गए थे। अब केंद्र सरकार के डीओपीटी ने इन सभी बैकलॉग आईपीएस अधिकारियों के लिए 90 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का विस्तृत शेड्यूल तैयार कर जारी कर दिया है।
डीओपीटी ने सभी संबंधित राज्य सरकारों और कैडर नियंत्रण प्राधिकरणों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि इस सूची में शामिल सभी अधिकारियों को बिना किसी देरी के तुरंत उनके मौजूदा पदों से कार्यमुक्त (रिलीव) किया जाए, ताकि वे निर्धारित समय पर इस अनिवार्य प्रशिक्षण में भाग ले सकें।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, डीओपीटी को हैदराबाद स्थित प्रतिष्ठित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (एसवीपीएनपीए) की ओर से 29 सितंबर को ऐसे सभी बैकलॉग आईपीएस अधिकारियों की आधिकारिक सूची प्राप्त हुई थी। अकादमी द्वारा तैयार किए गए इस ब्योरे में वर्ष 2019 से लेकर 2024 बैच तक के वे तमाम अधिकारी शामिल हैं, जो प्रशासनिक व्यस्तताओं, स्वास्थ्य कारणों या अन्य अपरिहार्य परिस्थितियों के चलते अपने फाउंडेशन कोर्स से वंचित रह गए थे।
अधिकारियों का कहना है कि सेवा नियमों के तहत अखिल भारतीय सेवाओं के प्रत्येक अधिकारी के लिए फाउंडेशन कोर्स का सफल समापन अनिवार्य होता है। 90 दिनों की इस विशेष ट्रेनिंग के जरिए इन युवा पुलिस कप्तानों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं, अंतर-विभागीय समन्वय, नीति निर्माण और नेतृत्व कौशल की बारीकियों से दोबारा रूबरू कराया जाएगा, जिससे भविष्य में उनके कैडर और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया बिना किसी तकनीकी अड़चन के सुचारू रूप से चल सके।

