बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई एफआईआर के बाद नया मोड़, याचिका में बनाया प्रतिवादी नंबर 9
मुंबई: दिवंगत सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के चर्चित मामले में एक नया और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है। दिशा के पिता सतीश सालियान की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील नीलेश ओझा ने बुधवार को एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के वरिष्ठ अधिकारी और एनसीबी के पूर्व जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े इस मामले के चार प्रमुख गवाहों में शामिल हैं। यह महत्वपूर्ण दावा बॉम्बे हाई कोर्ट के सख्त आदेश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा नई प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज किए जाने के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है।
समीर वानखेड़े शुरुआत से ही थे गवाह: नीलेश ओझा एक समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए अधिवक्ता नीलेश ओझा ने बताया कि सुरक्षा और गोपनीयता के कारणों से वे फिलहाल सभी गवाहों के नामों को सार्वजनिक नहीं कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि समीर वानखेड़े शुरुआत से ही उनके महत्वपूर्ण गवाह रहे हैं, लेकिन रणनीति के तहत इस जानकारी को पहले सार्वजनिक मंचों पर उजागर नहीं किया गया था।
रिट याचिका में प्रतिवादी नंबर 9 के रूप में नाम दर्ज अधिवक्ता ने कानूनी प्रक्रियाओं का विवरण साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अदालत में दाखिल अपनी रिट याचिका (संख्या 1612) में वानखेड़े को प्रतिवादी नंबर 9 के रूप में सूचीबद्ध किया है। सीबीआई द्वारा मामले की कमान संभालने और एफआईआर दर्ज करने के बाद इस नए खुलासे ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज कर दी है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच आगे बढ़ाने के दौरान इन गवाहों के बयान मामले की दिशा तय करने में बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं।

