दो दिनों में 6 ग्रामीणों की मौत से तनाव, कुकी संगठनों ने शव लेने से किया इनकार
इम्फाल: पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में जातीय और उग्रवादी हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। तामेंगलांग जिले में मंगलवार को ताजा हिंसा के दौरान संदिग्ध उग्रवादियों ने दो कुकी महिलाओं की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने के बाद गांव के बाहर खेतों में बने कई कच्चे मकानों में आगजनी भी की। यह दर्दनाक घटना तामेंगलांग और नोनी जिलों में दो महिलाओं समेत चार निर्दोष ग्रामीणों की हत्या किए जाने के महज 48 घंटे के भीतर सामने आई है।
खेत में लकड़ी लेने गई महिलाओं को बनाया निशाना स्थानीय प्रशासन और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुकी समुदाय से जुड़ी दोनों महिलाएं अंदरूनी क्षेत्र में स्थित लेइसांगफाई गांव के एक सुनसान खेत में सूखी लकड़ी एकत्र करने गई थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे हथियारबंद उग्रवादियों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। मृतकों की पहचान 60 वर्षीय चोंगा सितलहौ और 30 वर्षीय किम्बोई सिंगसन के रूप में की गई है। ग्रामीणों ने दोनों महिलाओं के गोली लगे शव खेत से बरामद किए। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि हमले के बाद से गांव के कुछ अन्य निवासी भी लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
दो दिनों में छह नागरिकों की हत्या से आक्रोश इससे पूर्व 13 सितंबर को तामेंगलांग जिले के टोलेन कुकी गांव में संदिग्ध हमलावरों ने एक दंपती की उनके घर के भीतर हत्या कर दी थी, जिसमें उनका नवजात शिशु गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसी दिन नोनी जिले के लोंगपी गांव में भी एक महिला और एक पुरुष को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। दो दिनों के भीतर लगातार छह नागरिकों की नृशंस हत्याओं से पर्वतीय क्षेत्रों में भारी तनाव व्याप्त हो गया है।
कुकी इनपी ने न्याय मिलने तक शव लेने से किया इनकार चुराचांदपुर स्थित प्रमुख सामाजिक संगठन ‘कुकी इनपी मणिपुर’ ने इन सुनियोजित हत्याओं की कड़ी निंदा करते हुए कड़ा रुख अपनाया है। संगठन ने औपचारिक बयान जारी कर घोषणा की है कि जब तक पीड़ितों को न्याय और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक मृत महिलाओं के शव नहीं लिए जाएंगे। संगठन ने केंद्र और राज्य सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा करने में प्रशासनिक विफलता स्थिति को अत्यंत खतरनाक मोड़ पर ले जा रही है। तनाव को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

