591 करोड़ के फर्जी वर्क ऑर्डर दिखाकर ऐंठे रुपये; दो आरोपी गिरफ्तार, मंत्री गिरीश महाजन ने दी थी चेतावनी
नासिक:
नासिक में आगामी कुंभ मेले के इंफ्रास्ट्रक्चर और रखरखाव के कामों का फर्जी वर्क ऑर्डर (Work Order) जारी कर लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले एक बड़े गिरोह का नासिक पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्य फिलहाल फरार हैं।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े के जरिए लोगों से लगभग 305 करोड़ रुपये की ठगी की गई है।
फर्जी वर्क ऑर्डर और ठगी का तरीका
नासिक पुलिस और डीसीपी किरणकुमार चौहान द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार:
- फर्जी वर्क ऑर्डर का जाल: आरोपियों ने शिकायतकर्ताओं को लगभग 591 करोड़ रुपये मूल्य के कुंभ मेला कार्यों (जैसे हाउसकीपिंग, लॉजिस्टिक्स आदि) के फर्जी दस्तावेज दिखाए।
- सरकारी प्रतीक चिह्नों का गलत इस्तेमाल: ठगों ने लोगों का विश्वास जीतने के लिए दस्तावेजों पर भारत सरकार के आधिकारिक प्रतीक चिह्न, ‘नासिक त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण’ के नाम और चेयरमैन के कथित डिजिटल हस्ताक्षरों का उपयोग किया।
- व्यक्तिगत मामला: एक अकेले शिकायतकर्ता से कुंभ मेले में हाउसकीपिंग का काम दिलाने के एवज में 2 करोड़ 17 लाख 50 हजार रुपये ठगे गए।
गिरफ्तार आरोपी और दर्ज मामले
- गिरफ्तारी: पुलिस ने अब तक तनय महाजन और नरेंद्र तोताराम महाजन को गिरफ्तार किया है।
- दर्ज मामले: पुलिस ने 11 अगस्त (2026) को नासिक रोड पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी से जुड़े तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं।
कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन का अलर्ट और सलाह
| पहलू | विवरण / मंत्री का स्पष्टीकरण |
| पुलिस को अलर्ट | कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन ने खुद नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक को इस ठगी रैकेट के बारे में सतर्क किया था, जिसके बाद जांच शुरू हुई। |
| केवल ऑनलाइन टेंडर | मंत्री ने स्पष्ट किया कि कुंभ मेले से जुड़े सभी टेंडर और वर्क ऑर्डर केवल ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से जारी किए जाते हैं। ऑफलाइन टेंडर के सभी दावे फर्जी हैं। |
| क्यूआर कोड और प्रमाणीकरण | असली वर्क ऑर्डर में अधिकृत QR कोड होते हैं और वे व्यक्तिगत अधिकारियों के नाम पर जारी नहीं किए जाते। |
नासिक पुलिस इस गिरोह के बाकी नेटवर्क और अन्य शिकायतकर्ताओं से जुड़े तारों को खंगालने में जुटी है।

