गुजरात से भाजपा के राज्यसभा सांसद राम मोकारिया ने दावा किया है कि उन्होंने राजकोट नगर निगम के अग्निशमन विभाग को 70 हजार रुपये रिश्वत दी। उन्होंने कहा कि अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेने के एवज में 70 हजार रुपये का भुगतान किया गया। मोकारिया का यह बयान राजकोट में हुए भीषण अग्निकांड के ठीक बाद आया है। बता दें कि टीआरपी गेम जोन में आग लगने से कई बच्चों समेत 27 लोगों की मौत हो गई थी। आरोप है कि टीआरपी गेम जोन को बिना एनओसी के संचालित किया जा रहा था।
राम मोकारिया ने कहा कि वे अपने निजी अनुभव के आधार पर समाज में फैले भ्रष्टाचार के बारे में बता रहे हैं। भाजपा नेता ने दावा किया है कि उन्होंंने पांच वर्ष पहले अग्निशमन अधिकारी बीजे थेबा को रिश्वत दी थी। उस दौरान मोकारिया भाजपा सांसद नहीं बल्कि एक व्यवसायी थे। मोकारिया एक नामी कुरियर कंपनी के संस्थापक हैं। उन्हें 2021 में राज्यसभा भेजा गया था।
‘समाज में फैला है भ्रष्टाचार’
राज्यसभा सांसद ने दावा किया ‘मैंने पांच साल पहले एक अग्नि अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने के लिए थेबा को 70 हजार रुपये दिए थे।मुझे अब यह जानकारी मिली है कि गेम जोन अग्निकांड मामले में पुलिस थेबा से पूछताछ कर रही है। मैं समाज में फैले भ्रष्टाचार पर प्रकाश डालना चाहता हूं क्योंकि मैं इससे पहले भी दो-चार हो चुका हूं।’ मोकारिया ने इसके बाद यह भी कहा कि उनके राज्यसभा सांसद बनने के बाद अग्निशमन अधिकारी ने वो 70 हजार रुपये वापस लौटा दिए थे।
भाजपा नेता ने आगे कहा कि हर कोई जानता है कि भ्रष्टाचार हर जगह फैला है। उन्होंने दावा किया कि राजकोट के अधिकारी बीते 10 वर्षों में भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। बता दें कि टीआरपी गेम जोन में अग्निकांड के मामले में गुजरात सरकार ने सात अधिकारियों को निलंबित किया है।

