महाराष्ट्र में भी कथित नीट धांधली का कनेक्शन मिला है और इस मामले में आतंकवाद निरोधक दस्ते यानी एटीएस ने एक जिला परिषद स्कूल के एक शिक्षक को गिरफ्तार किया है। वहीं इस मामले में चार अन्य लोगों पर केस भी दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला है कि पैसे देकर नीट परीक्षा पास करने के इच्छुक छात्रों की मदद करने के लिए एक रैकेट चलाया जा रहा था। मामले में एटीएस की तरफ से जिन चार लोगों पर केस दर्ज किया गया है उनमें दो शिक्षक लातूर जिले के, एक नांदेड और एक दिल्ली का निवासी है।
जानकारी के मुताबिक लातूर जिले के दो शिक्षक संजय तुकाराम जाधव और जलील खान उमर खान पठान, नांदेड के इरन्ना मश्नाजी कोंगलवाव और दिल्ली के रहने वाले शख्स गंगाधर पर सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत केस दर्ज किया गया है। इस मामले में एक शिक्षक जलील खान उमर खान पठान को रविवार की देर रात गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन बाकी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
गुप्त सूचना पर एटीएस ने की कार्रवाई
एटीएस अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग पैसे के बदले में नीट छात्रों को परीक्षा पास कराने के लिए अवैध रैकेट चला रहे हैं। इसके बाद एटीएस ने पूछताछ के लिए शनिवार रात को लातूर से जाधव और पठान को हिरासत में लिया। लातूर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अनुसार हिरासत में लिए गए लोगों में से एक के मोबाइल फोन में नीट 2024 परीक्षा से संबंधित संदिग्ध जानकारी मिली।
तीन फरार आरोपियों की तलाश जारी
मामले में पुलिस ने कहा, गिरफ्तार आरोपी की पहचान जलील खान उमर खान पठान के रूप में हुई है, जबकि अन्य तीन फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने कहा कि जाधव और पठान लातूर जिले के एक जिला परिषद स्कूल के प्रधानाध्यापक हैं और एक निजी कोचिंग सेंटर चलाते हैं। बता दें कि एटीएस ने ये कार्रवाई तब की जब केंद्र ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा-नीट-यूजी- में कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई को सौंप दी, जिसकी मांग देशभर के छात्रों की तरफ से की गई है। इसके बाद सीबीआई ने 5 मई को आयोजित परीक्षा में कथित अनियमितताओं के संबंध में केस भी दर्ज किया है।

