तमिलनाडु में बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के. आर्मस्ट्रांग की हत्या के मामले में चेन्नई पुलिस ने खुलासा किया है कि ये हत्या राजनीतिक प्रकृति की नहीं थी और सभी नजरिए से इसकी जांच की जा रही है। पुलिस कमिश्नर संदीप राय राठौर के अनुसार इस मामले में कुल आठ संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया गया है और बसपा नेता को कभी भी जान से मारने की धमकी भी नहीं मिली थी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मकसद की संभावना बहुत कम है, हालांकि पिछली दुश्मनी से इनकार नहीं किया जा सकता है।
इस हत्या की वारदात के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर ने बताया कि बसपा नेता आर्मस्ट्रांग की शुक्रवार शाम 7.15 बजे उस समय हत्या कर दी गई, जब वह यहां पेरंबूर में बन रहे अपने घर की ओर जा रहे थे। इस दौरान इस हमले में उनके साथ मौजूद चार लोग भी घायल हो गए। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि आर्मस्ट्रांग को उनके समर्थकों ने स्थानीय अस्पताल पहुंचाया था और बाद में वहां उनकी मौत हो गई।
कुल आठ लोग किए गए गिरफ्तार- पुलिस
पुलिस कमिश्नर ने कहा, कि शुरुआती जांच, सीसीटीवी फुटेज, सेल फोन टावर लोकेशन और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके बारे में हमें पूरा संदेह है कि वे इस वारदात को अंजाम देने में शामिल हैं। वहीं कुछ राजनीतिक दलों की तरफ से लगाए गए आरोप कि गिरफ्तार किए गए लोग असली अपराधी नहीं थे, इस पर उन्होंने कहा कि आगे की जांच से ही यह साबित हो पाएगा। उन्होंने कहा, लेकिन अभी हमारे पास यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि उन्होंने अपराध किया होगा।
रविवार को हो सकता है बसपा नेता का अंतिम संस्कार
उन्होंने कहा कि अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (उत्तर) आसरा गर्ग के नेतृत्व में 10 विशेष टीमें बनाई गई थीं और अधिकारी कई नजरिए से जांच कर रहे थे। इस हत्या के पीछे के मकसद के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि विशेष टीम इसकी जांच कर रही है। उन्होंने दोहराया, इससे ऐसा कुछ नहीं लगता। इसमें कोई राजनीतिक पहलू नहीं है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किए गए अधिकांश लोगों के खिलाफ कुछ लंबित मामले हैं। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि आर्मस्ट्रांग का अंतिम संस्कार रविवार को किया जा सकता है।
क्षुद्र राजनीति के बजाय दया दिखाएं द्रमुक-कांग्रेस : नड्डा
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने तमिलनाडु के बसपा प्रमुख आर्मस्ट्रांग की हत्या को लेकर तमिलनाडु में द्रमुक-कांग्रेस सरकार को घेरने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस घटना ने समाज के गरीबों और वंचित वर्गों के प्रति उसकी उपेक्षा की पुष्टि की है।
नड्डा ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- जहरीली शराब त्रासदी से प्रभावित लोगों में से कई लोग समाज के इन वर्गों से भी थे। बेहतर होगा कि डीएमके-कांग्रेस 24X7 क्षुद्र राजनीति में शामिल होने के बजाय दया दिखाएं।

