केरल सरकार ने गुरुवार को एक टास्क फोर्स का गठन किया। यह टास्क फोर्स वायनाड में 30 जुलाई के भूस्खलन में जीवित बचे लोगों को उनके नुकसानों के लिए बीमा का दावा करने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने कहा कि टास्क फोर्स का गठन मंत्रिमंडल की उप समिति की सिफारिश पर किया गया है, जो घटना के दिन से वायनाड में है।
पीड़ितों का विवरण जुटाएगी टीम
सीएमओ ने एक बयान में कहा कि डिप्टी कलेक्टर (राजस्व वसूली) के.गोपीनाथ के नेतृत्व में विशेष टीम ने काम करना शुरू कर दिया है। इसने कहा कि टीम यह सुनिश्चित करेगी कि बीमा के दावे की राशि तेजी से वितरित की जाए। टीम अन्य विभागों के साथ मिलकर काम करेगी। जानकारी एकत्र करेगी और घटना के पीड़ितों द्वारा ली गई बीमा पॉलिसी का विवरण तैयार करेगी।
इसमें आगे कहा गया है, विभिन्न सरकारी एजेंसियों, बीमा कंपनियों और अन्य एजेंसियों से राहत शिविरों या रिश्तेदारों के घरों में रह रहे पीड़ितों का विवरण जुटाया जाएगा।
टास्क फोर्स में ये अधिकारी शामिल
वाहन बीमा, जीवन बीमा, गृह बीमा, फसल बीमा और पालतू जानवरों और पशुओं के लिए बीमा के बारे में विवरण एकत्र किया जाएगा। लीड बैंक के जिला प्रबंधक, उद्योग और वाणिज्य निदेशालय के जिला प्रबंधक और अर्थशास्त्र व सांख्यिकी विभाग के उप निदेशक भी टास्क फोर्स के सदस्य हैं। लीड बैंक शब्द से मलब उस बैंक से है जो बीमा पॉलिसी का विवरण तैयार करता है और नुकसान की स्थिति में भुगतान करता है।
मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 226 हुआ
अधिकारियों के मुताबिक, वायनाड के मुंडक्कई और चूरालमाला इलाकों में 30 जुलाई को आए विनाशकारी भूस्खलन के बाद से मरने वालों की संख्या बढ़कर 226 हो गई है। बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 138 लोग अभी भी लापता हैं।

