नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (Mid-East) में जारी तनाव और उसके आर्थिक प्रभावों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गैर-जरूरी खर्चों में कटौती की अपील का व्यापक असर दिखना शुरू हो गया है। इसी क्रम में केंद्रीय सचिवालय सेवा (CSS) के अधिकारियों के एक प्रमुख संगठन ने सरकार से ‘वर्क फ्रॉम होम’ और ऑनलाइन मीटिंग के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
CSS फोरम की प्रमुख मांगें
केंद्रीय सचिवालय के कामकाज की रीढ़ माने जाने वाले सीएसएस (CSS) फोरम ने कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को पत्र लिखकर सरकारी कार्यालयों के लिए विस्तृत गाइडलाइंस की मांग की है। फोरम के अनुसार, यह कदम न केवल संकट के समय मददगार होगा बल्कि प्रशासनिक कुशलता भी बढ़ाएगा।
फोरम के प्रस्ताव के मुख्य लाभ:
- उत्पादकता में वृद्धि: एक संतुलित और संरचित ढांचे से काम की गति और गुणवत्ता बढ़ेगी।
- कर्मचारी कल्याण: यात्रा के समय और खर्च में कमी से कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होगा।
- डिजिटल गवर्नेंस: ऑनलाइन मीटिंग और वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग से डिजिटल इंडिया के मिशन को मजबूती मिलेगी।
- ग्रीन सेक्रेटेरिएट: वाहनों के कम इस्तेमाल से पर्यावरण संरक्षण और ‘ग्रीन सचिवालय’ की परिकल्पना साकार होगी।
प्रधानमंत्री की अपील: विदेशी मुद्रा और संसाधनों का संरक्षण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर देश की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए जनता से कुछ ठोस उपाय अपनाने का आह्वान किया था:
- ईंधन की बचत: पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए कारपूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और मेट्रो का उपयोग करें।
- विदेशी मुद्रा संरक्षण: सोने की खरीद को कम से कम एक साल के लिए टालने का सुझाव।
- लॉजिस्टिक्स: पार्सल की आवाजाही के लिए सड़क परिवहन के बजाय रेलवे सेवाओं का अधिक उपयोग।
- कार्य संस्कृति: ‘वर्क फ्रॉम होम’ और वर्चुअल मीटिंग को प्रोत्साहन देना ताकि ऊर्जा और समय की बचत हो सके।
कर्मचारी संगठनों का व्यापक समर्थन
पीएम मोदी की इस पहल को अन्य कर्मचारी संगठनों का भी साथ मिल रहा है। ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह पटेल ने प्रधानमंत्री के सुझावों का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि देश की प्रगति और कल्याण को ध्यान में रखते हुए इन उपायों को जल्द से जल्द लागू करने पर विचार किया जाना चाहिए।

