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Friday, June 19, 2026

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अमित शाह ने की सहकारी क्षेत्र के राष्ट्रीय रोडमैप की समीक्षा: साइबर सुरक्षा के लिए ‘म्यूल हंटर AI’ अपनाने की सलाह, अगस्त 2026 तक 100 बैंक होंगे ई-केवाईसी लाइव

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार (18 जून 2026) को देश में सहकारी बैंकिंग, जैविक (ऑर्गेनिक) उत्पादों और सहकारी निर्यात को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने के लिए तैयार किए गए राष्ट्रीय रोडमैप की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। गृह मंत्री ने उन रणनीतिक उपायों और विधिक सुधारों को रेखांकित किया, जिनके माध्यम से देश के सहकारी क्षेत्र (Cooperative Sector) को अभूतपूर्व विस्तार मिलेगा।

सरकार का लक्ष्य को-आप मार्क (Co-op Mark), डिजिटल मार्केट प्लेस और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के विस्तार के जरिए सहकारी उत्पादों की एक विशिष्ट पहचान बनाना है, ताकि ये उत्पाद वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा के बीच मजबूती से टिक सकें।

साइबर सुरक्षा के लिए ‘म्यूल हंटर.एआई’ (Mule Hunter.AI) का विधिक एकीकरण

सहकारी बैंकों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने बेहद कड़ा और आधुनिक विधिक रुख अपनाया। उन्होंने सहकारी बैंकों को बढ़ते साइबर वित्तीय अपराधों और धोखाधड़ी के प्रति विशेष रूप से सचेत रहने की सलाह दी:

  • Mule Hunter.AI: अमित शाह ने सहकारी बैंकों में वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए आधुनिक एआई टूल म्यूल हंटर.एआई का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं।
  • I4C के साथ एकीकरण: इस एआई तकनीक को केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के साथ एकीकृत (Integrate) किया जाएगा। इससे सहकारी बैंकों में धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन (Fraud Risk Management) और साइबर सुरक्षा तंत्र को विधिक व तकनीकी रूप से अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने की समयसीमा और लक्ष्य
गृह मंत्री ने ग्रामीण और शहरी सहकारी बैंकों के लिए एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म और साइबर सुरक्षा प्रणाली को जल्द से जल्द अपनाने पर जोर दिया है:

  • ग्रामीण सहकारी बैंक: इन्हें वित्तीय समावेशन के लिए ‘सहकार सारथी’ प्लेटफॉर्म से जुड़ना होगा। ‘सहकार सारथी’ ने अपनी आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AePS) सेवाएं शुरू कर दी हैं। इसके तहत ई-केवाईसी (e-KYC) लाइव के माध्यम से अगस्त 2026 तक 100 सहकारी बैंकों को कवर करने का विधिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • शहरी सहकारी बैंक (UCBs): इन्हें NUCFDC (नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) से जुड़ने के निर्देश दिए गए हैं। NUCFDC सभी शहरी सहकारी बैंकों को तकनीकी समाधान और संस्थागत मदद देने के लिए एक साझा प्लेटफॉर्म पर ला रहा है।

जैविक किसानों को बढ़ावा और वैश्विक बाजार तक पहुंच

राष्ट्रीय रोडमैप के तहत दो प्रमुख राष्ट्रीय सहकारी सोसायटियों को विशेष विधिक व वाणिज्यिक जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसका विवरण नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट है:

सहकारी संस्थामुख्य विधिक दायित्व और कार्यआगामी रणनीति
NCOL (नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड)जैविक (ऑर्गेनिक) खेती करने वाले किसानों से सीधे खरीद बढ़ाना।उत्पादों का कड़ा प्रयोगशाला परीक्षण, जैविक प्रमाणन (Certification) और बाजार संपर्क को मजबूत करना।
NCEL (नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड)भारतीय सहकारी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना।सहकारी उत्पादों की वैश्विक बाजारों (Global Markets) तक विधिक व सुगम पहुंच सुनिश्चित करना।

इस समीक्षा बैठक के बाद यह स्पष्ट है कि सहकारिता मंत्रालय तकनीकी उन्नयन (Technology Upgradation) और कड़े सुरक्षा मानकों के बल पर देश के जमीनी सहकारी ढांचे को एक आधुनिक कॉर्पोरेट गवर्नेंस मॉडल में बदलने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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