नई दिल्ली: देश की शिक्षा प्रणाली और परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर जारी भारी विवाद के बीच, विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार (2 जून 2026) की शाम 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत से मुलाकात कर उनका खुलकर समर्थन किया है। सार्थक सिद्धांत वही होनहार छात्र और ब्लॉगर हैं, जिन्होंने अपने खोजी ब्लॉग के माध्यम से सीबीएसई (CBSE) के ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM – डिजिटल कॉपी मूल्यांकन प्रणाली) सिस्टम की सरकारी खरीद में हुए बड़े टेंडर घोटाले और तकनीकी गड़बड़ियों का भंडाफोड़ किया था।
सार्थक की गवाही के तुरंत बाद मोदी सरकार का बड़ा एक्शन
सार्थक और राहुल गांधी की यह हाई-प्रोफाइल मुलाकात बेहद रणनीतिक समय पर हुई है। इस मुलाकात से महज कुछ ही घंटे पहले सार्थक ने ‘शिक्षा पर संसदीय स्थायी समिति’ (Parliamentary Standing Committee on Education) के समक्ष अपनी विस्तृत तकनीकी जांच रिपोर्ट पेश की थी। सार्थक की गवाही और पुख्ता सबूतों के तुरंत बाद हरकत में आते हुए नरेंद्र मोदी सरकार ने सीबीएसई के मौजूदा अध्यक्ष (Chairman) को पद से हटा दिया और पूरे ओएसएम खरीद मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए।
छात्र सार्थक सिद्धांत का दावा है कि उन्होंने सीबीएसई द्वारा जारी टेंडरों में कम से कम 15 ऐसी गंभीर खामियां और विसंगतियां पकड़ी हैं, जिससे साफ होता है कि नियमों को जानबूझकर मरोड़ा गया ताकि ‘कोएम्प्ट एडुटेक’ (Coempt Edutec) नामक एक खास निजी कंपनी को अवैध रूप से फायदा पहुंचाया जा सके। हालांकि, सीबीएसई और संबंधित कंपनी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है, लेकिन बोर्ड ने यह जरूर माना है कि ओएसएम सिस्टम के संचालन में कुछ गंभीर तकनीकी गलतियां हुई हैं।
राहुल गांधी का ‘शब्दों का खेल’ और ‘#TenderInvestigator’ ट्रेंड
राहुल गांधी ने इस मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सार्थक के नाम और उपनाम के साथ शब्दों का अनूठा खेल करते हुए लिखा, ‘सार्थक, अपने सिद्धांतों पर हमेशा अडिग रहो।’ इसके साथ ही उन्होंने इस युवा खोजी के सम्मान में #TenderInvestigator हैशटैग का भी इस्तेमाल किया।
गौरतलब है कि पिछले तीन दिनों के भीतर राहुल गांधी द्वारा सार्वजनिक रूप से प्रमोट किए जाने वाले यह दूसरे ऐसे किशोर हैं, जिन्होंने सीधे सरकारी सिस्टम की कमियां पकड़ी हैं। इससे पहले 31 मई को राहुल ने 12वीं के छात्र वेदांत श्रीवास्तव से भी मुलाकात की थी, जिसने यह पकड़ा था कि सीबीएसई ने उसके रोल नंबर पर किसी दूसरे छात्र की फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका (आंसर शीट) अपलोड कर दी थी, जिसके बाद बोर्ड को सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकारनी पड़ी थी।
‘डीप स्टेट एजेंट और आतंकवादी’: आलोचकों पर राहुल का तंज
राहुल गांधी ने उन दक्षिणपंथी ट्रोलर्स और आलोचकों पर भी तीखा हमला बोला जो व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले इन मेधावी छात्रों को ‘देशद्रोही’ या ‘पाकिस्तानी एजेंट’ करार दे रहे थे। राहुल ने एक वीडियो साझा करते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि देखिए, ये 17 साल के बच्चे ही देश के असली ‘डीप स्टेट एजेंट’ और ‘आतंकवादी’ हैं!
वेदांत ने राहुल गांधी को आपबीती सुनाते हुए बताया था कि जब उसने अपनी गलत उत्तर पुस्तिका का जायज मुद्दा प्रशासनिक स्तर पर उठाया, तो उसे सिस्टम को सुधारने के बजाय पाकिस्तानी एजेंट कहकर अपमानित किया गया। राहुल ने इन छात्रों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि ये बच्चे बेहद बहादुर हैं, जिन्होंने सीधे सत्ता से सवाल पूछे, लेकिन जवाब के बदले इन्हें केवल प्रताड़ना और अपमान मिला।
युवाओं की तिकड़ी और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का 6 जून को प्रदर्शन
सीबीएसई और देश की परीक्षा प्रणाली के खिलाफ चल रहे इस छात्र आंदोलन के पीछे तीन युवाओं की मुख्य त्रिमूर्ति काम कर रही है। इसमें सार्थक और वेदांत के साथ 19 साल के एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्होंने ओएसएम पोर्टल की सुरक्षा कमियों (Security Loopholes) को लाइव हैक करके उजागर किया था।
यह तीनों युवा इस साल परीक्षाओं में हुई ऐतिहासिक गड़बड़ियों, जिसमें 21 जून को होने वाली नीट-यूजी (NEET-UG) की दोबारा परीक्षा भी शामिल है, के खिलाफ चल रहे देशव्यापी छात्र आंदोलन का मुख्य चेहरा बन चुके हैं। इसी कड़ी में युवाओं का एक लोकप्रिय ऑनलाइन ग्रुप ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ आगामी 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विशाल विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहा है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस पूरे विवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने और पूरे परीक्षा तंत्र की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में न्यायिक जांच कराने की पुरजोर मांग की है।

