‘क्या हड़ताल में मरीज मरा तो उसे जिंदा कर पाएंगे?’; हाईकोर्ट के सवाल के बाद MARD ने लिया काम पर लौटने का फैसला
मुंबई:
महाराष्ट्र के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की हड़ताल खत्म होने से स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर पूरी तरह सामान्य हो गई हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट के कड़े रुख और चेतावनी के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों के संगठन ‘एमएआरडी’ (MARD) ने अपनी राज्यव्यापी हड़ताल वापस लेने का ऐलान कर दिया। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि वे अदालत के सम्मान में काम पर लौट रहे हैं, हालांकि उनकी मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं।
बॉम्बे हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखाड की पीठ ने मरीजों को हो रही भारी परेशानी पर स्वतः संज्ञान (Suo Moto) लेते हुए डॉक्टरों को तुरंत काम पर लौटने के निर्देश दिए।
- वेतन रोकने की चेतावनी: अदालत ने स्पष्ट किया कि तुरंत काम पर न लौटने की स्थिति में डॉक्टरों का वेतन रोक दिया जाएगा।
- अदालत का तल्ख सवाल: सुनवाई के दौरान पीठ ने गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा, “डॉक्टरों को अपनी मांगों के लिए आवाज उठाने का अधिकार है, लेकिन यह लड़ाई मरीजों की जान की कीमत पर नहीं लड़ी जा सकती। अगर हड़ताल के दौरान किसी मरीज की जान चली जाती है, तो क्या डॉक्टर उसे दोबारा जिंदा कर पाएंगे?”
क्या है एलोपैथी बनाम होम्योपैथी का पूरा विवाद?
| मुद्दा | विवरण |
| विवाद का कारण | सरकार द्वारा होम्योपैथी (BHMS) डॉक्टरों को 6 महीने का सीसीएमपी (CCMP) कोर्स करने के बाद एलोपैथिक दवाएं लिखने की मंजूरी देना। |
| हड़ताल की शुरुआत | इस फैसले के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टरों ने 5 अगस्त से राज्यव्यापी हड़ताल शुरू की थी। |
| डॉक्टरों का तर्क | बिना गहन प्रशिक्षण और कड़े नियमों के यह छूट मरीजों के स्वास्थ्य और जीवन के लिए बेहद खतरनाक साबित होगी। |
| सरकार का रुख | मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार कोर्ट के निर्देशों का पालन करेगी और उनके लिए सभी डॉक्टर समान हैं। |
भविष्य में हड़ताल रोकने के लिए ‘एमिकस’ नियुक्त
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद आईएमए (IMA) और एमएआरडी (MARD) के प्रतिनिधियों ने अदालत को हड़ताल खत्म करने का भरोसा दिया, जिसके बाद सेवाएं शुरू हो गईं।
अदालत ने भविष्य में डॉक्टरों को इस तरह हड़ताल पर जाने से रोकने के लिए वरिष्ठ वकील विनीत नाइक और अमोघ सिंह को ‘न्याय मित्र’ (Amicus Curiae) नियुक्त किया है, जो इस संबंध में एक विस्तृत याचिका तैयार करेंगे। एमएआरडी के प्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर जल्द मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेंगे।
मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को तय की गई है।

