कुतुब मीनार पर पहली बार प्रदर्शित हुआ आसियान का प्रतीक चिन्ह; 80 से अधिक राजनयिक बने ऐतिहासिक पल के गवाह
नई दिल्ली:
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 59वें आसियान दिवस (ASEAN Day) के अवसर पर दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन के सभी सदस्य देशों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति (Act East Policy) का उल्लेख करते हुए भारत और आसियान (ASEAN) के बीच बहुआयामी संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।
विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच सहयोग व्यापार, कनेक्टिविटी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रहा है, जिससे हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।
कुतुब मीनार पर आसियान का ऐतिहासिक प्रदर्शन
इस विशेष अवसर पर भारत में फिलीपींस दूतावास (जो वर्तमान में ‘आसियान न्यू दिल्ली समिति’ की अध्यक्षता कर रहा है) की ओर से ऐतिहासिक कुतुब मीनार पर आसियान के प्रतीक चिन्ह (Logo) का शानदार लेजर प्रदर्शन किया गया:
- ऐतिहासिक क्षण: फिलीपींस दूतावास के अनुसार, दुनिया के किसी भी प्रमुख राष्ट्रीय स्मारक पर आसियान के प्रतीकों का यह पहला प्रदर्शन था।
- राजनयिकों की मौजूदगी: इस अवसर पर 80 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय राजनयिक और बड़ी संख्या में स्थानीय व विदेशी पर्यटक मौजूद रहे।
आसियान और भारत-आसियान संबंधों के प्रमुख तथ्य
| पहलू | विवरण / आंकड़े |
|---|---|
| आसियान की स्थापना | वर्ष 1967 में 5 देशों द्वारा स्थापित। हाल ही में तिमोर-लेस्ते के जुड़ने से सदस्य संख्या 11 हुई। |
| आर्थिक शक्ति | 70 करोड़ (700 मिलियन) से अधिक आबादी और $4 ट्रिलियन से अधिक जीडीपी के साथ दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था। |
| भारत-आसियान साझेदारी | औपचारिक संबंधों की शुरुआत 1992 में हुई; वर्ष 2022 में यह संबंध ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ में बदला। |
| विज़न 2045 | यह वर्ष ‘आसियान विजन 2045’ (ASEAN Vision 2045) के क्रियान्वयन का पहला वर्ष भी है। |
विदेश मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भारत और आसियान की साझेदारी वैश्विक स्तर पर विकास और सहयोग का एक प्रमुख स्तंभ बनी रहेगी।

