राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अपील का किया पुरजोर समर्थन, भ्रामक विज्ञापनों पर कलाकारों को पहले ही भेजे जा चुके हैं नोटिस
मुंबई: महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने सेलिब्रिटी विज्ञापनों और जनता के स्वास्थ्य से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने भ्रामक और हानिकारक उत्पादों के प्रचार पर लगाम लगाने को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा की गई हालिया अपील का खुला समर्थन किया है। मुंढे ने दो टूक शब्दों में रेखांकित किया कि किसी भी कलाकार या प्रभावशाली व्यक्तित्व की व्यापक सामाजिक लोकप्रियता उसे देश के कानून और तय नियमों से ऊपर उठने या छूट पाने का विशेषाधिकार नहीं देती है।
एफडीए आयुक्त ने कहा कि समाज में प्रभाव रखने वाले कलाकारों और हस्तियों को भी कानून का पूरा सम्मान करना चाहिए और किसी भी खाद्य सामग्री, जीवनशैली या उत्पाद का प्रचार करते समय अपनी नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभाव का वास्तविक अर्थ कानूनी संरक्षण कतई नहीं है, इसलिए किसी भी व्यावसायिक अनुबंध के बदले जनता के स्वास्थ्य को जोखिम में नहीं डाला जा सकता।
तुकाराम मुंढे के अनुसार, जब भी किसी खाद्य या पेय उत्पाद के प्रचार का सवाल उठता है, तो लोक स्वास्थ्य और जनहित को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने खुलासा किया कि महाराष्ट्र में ऐसे भ्रामक और स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक विज्ञापनों में नजर आने वाले कई प्रसिद्ध कलाकारों को नियामक संस्था की ओर से पहले ही औपचारिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि जनता के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले विज्ञापनों के खिलाफ आने वाले दिनों में नियमों के तहत और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

